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Recipe: झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लोग बचे हुए दोपहर के चावलों को फेंकने के बजाय उससे स्वादिष्ट पकौड़े बनाते हैं. ये पकौड़े शाम के नाश्ते (स्नैक्स) के तौर पर चाय के साथ खाए जाते हैं. ये बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम होते हैं. लिहाजा यह हर उम्र के लोगों की पसंद है.
अक्सर लोग दोपहर के भोजन के बाद बचे हुए चावल को सुबह फेंक देते हैं, लेकिन झारखंड के ग्रामीण इलाकों में इन्हीं बचे चावलों से बेहद स्वादिष्ट पकौड़े तैयार किए जाते हैं.

चावल से बने ये पकौड़े खाने में लाजवाब होते हैं. शाम के समय स्नैक्स के तौर पर लोग इन्हें चाय के साथ बड़े चाव से खाते हैं. यह बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम होते हैं, इसलिए सभी उम्र के लोगों को पसंद आते हैं.

रेसिपी साझा करते हुए आदिवासी महिला रवीना कच्छप बताती हैं कि झारखंड में तरह–तरह के स्वाद मशहूर हैं और हर इलाके की अपनी एक खास पहचान है. उसी तरह चावल के इन पकौड़ों का स्वाद भी लोगों को खूब भाता है.
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वे आगे बताती हैं कि इसे बनाना काफी आसान है और कोई भी इसे घर पर तैयार कर सकता है. इसके लिए किसी मास्टरशेफ की जरूरत नहीं पड़ती. पकौड़ा बनाने के लिए बचे हुए चावल, दो चौथाई चावल, एक चौथाई सूजी, एक चौथाई दही और थोड़ा सा पानी मिलाकर मिक्सर में पीसना होता है.

उन्होंने आगे बताया कि इसमें ध्यान रखना जरूरी है कि पीसा हुआ मिश्रण न तो बहुत गाढ़ा हो और न ही ज्यादा पतला, वरना पकौड़े बनाने में दिक्कत आ सकती है. इसके बाद इसमें बारीक कटा अदरक, प्याज, हरी मिर्च और स्वादानुसार नमक मिला लेना होता है.

रवीना आगे बताती हैं कि अब एक कड़ाही में तेल गर्म करके, जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए तो मिश्रण की छोटी छोटी गोल बॉल्स बनाकर तेल में डालना होता है और तेज आंच पर 2 से 3 मिनट तल लेना होता है.

कुछ ही मिनटों में यह पकौड़े तैयार हो जाते हैं. बच्चों को ये खासतौर पर बहुत पसंद आते हैं. खासकर सर्दियों के मौसम में चाय के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

