मधेपुरा के गौशाला परिसर में बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ की बीएनएमयू इकाई की बैठक हुई। इसमें महासंघ के आंदोलन को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 20 जुलाई को बीएनएमयू मुख्यालय में धरना और 22 जुलाई को पटना में रोड मार्च का आह्वान किया गया है। यह बैठक शनिवार को आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष सह सीनेट सदस्य प्रो. अरविंद कुमार यादव ने की। बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का निर्णय लिया गया। बीएनएमयू मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करने की घोषणा
महासंघ ने 20 जुलाई को बीएनएमयू मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, 22 जुलाई को पटना के गांधी मैदान से लोक भवन तक प्रस्तावित रोड मार्च में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों को शामिल होने की अपील की गई है। मधेपुरा, सहरसा और सुपौल जिले के सभी संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से इन कार्यक्रमों को सफल बनाने का आग्रह किया गया है। महंगाई दर के अनुसार ब्याज सहित भुगतान की मांग
महासंघ की प्रमुख मांगों में संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए अनुदान के स्थान पर नियमित मासिक वेतनमान लागू करना शामिल है। साथ ही, नौ वर्षों के लंबित सहायक अनुदान का बढ़ती महंगाई दर के अनुसार ब्याज सहित भुगतान की मांग की गई है। शिक्षा विभाग के संकल्प संख्या 1457, दिनांक 24 जुलाई 2015 के अनुरूप डिग्री महाविद्यालयों में सभी छात्राओं एवं अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों से लिए गए शिक्षण शुल्क की राशि सरकार द्वारा उनके बैंक खातों में वापस करने की व्यवस्था भी एक प्रमुख मांग है। संबंधित राशि का भुगतान जल्द ही कर दिया जाएगा
इस अवसर पर विश्वविद्यालय महासचिव डॉ. बैद्यनाथ यादव, सुपौल जिला अध्यक्ष डॉ. चंद्र प्रकाश यादव, विश्वविद्यालय सचिव प्रो. अभय कुमार, विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष प्रो. कुमार राजीव रमन, विश्वविद्यालय सचिव प्रो. ललन कुमार, प्रो. सतेन्द्र प्रसाद यादव, सहरसा जिला अध्यक्ष प्रो. समीउल्लाह, विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष प्रो. आलोक कुमार तथा प्रो. गोपाल प्रसाद यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद, प्रो. अरविंद कुमार यादव के नेतृत्व में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव से मुलाकात की। उन्होंने कॉपी मूल्यांकन पारिश्रमिक सहित विभिन्न लंबित मांगों पर चर्चा की। कुलसचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि कॉपी मूल्यांकन पारिश्रमिक के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है और संबंधित राशि का भुगतान जल्द ही कर दिया जाएगा।
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