जौनपुर। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने सोमवार को दोपहर 12:30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में केंद्र और राज्य सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। संघ ने विभिन्न श्रमिक वर्गों की लंबित 17 मांगों को पूरा करने की अपील की। बीएमएस ने कहा कि मजदूर और कर्मचारी महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षा के कारण परेशान हैं। संघ ने मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय लागू किया जाए। आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। संविदा कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू किया जाए। बीएमएस ने कहा कि कई कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना काम करना पड़ता है। उन्हें उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी नहीं मिल रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को बीमा का लाभ देने के लिए केंद्र से बजट मिलने के बावजूद इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। संघ ने कर्मचारियों को स्थानांतरण का भय दिखाकर शोषण करने की शिकायत करते हुए वेतन संबंधी विसंगतियां दूर करने की मांग की। 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की भी मांग उठाई गई। इसके अलावा पटरी-रेहड़ी दुकानदारों को उत्पीड़न से राहत देने, ई-रिक्शा चालकों, स्ट्रीट वेंडरों, दिहाड़ी मजदूरों, ग्रामीण मजदूरों, नाई, धोबी, दर्जी समेत अन्य श्रमिक वर्गों को सामाजिक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। पुरानी पेंशन बहाली की मांग बीएमएस ने सरकारी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से लंबित पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग भी उठाई। संघ ने संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न बंद करने तथा उनके लिए स्पष्ट नियमावली बनाने की मांग की। इसके अलावा मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। संघ ने ईपीएस-95 के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन में वृद्धि करने और इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) से जोड़ने की भी मांग रखी।
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बीएमएस ने 17 मांगों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन: जौनपुर में संविदा कर्मचारियों समेत विभिन्न श्रमिक वर्गों की समस्याओं के समाधान की मांग – Jaunpur News
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