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भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से अटकी फ्री ट्रेड डील को लेकर अब बड़ा सकारात्मक संकेत मिला है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है और यह समझौता तय समय से पहले भी पूरा हो सकता है. दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. इस बार बातचीत में क्लीन एनर्जी, एआई और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रणनीतिक सेक्टर्स पर खास जोर दिया जा रहा है. भारत और कनाडा के बीच बिगड़े रिश्तों के बाद अब व्यापारिक मोर्चे पर नई शुरुआत की कोशिशें तेज हो गई हैं. पीयूष गोयल के कनाडा दौरे को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में बर्फ पिघलने के बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी सीईपीए (CEPA) को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है. (Piyush Goyal)
नई दिल्ली. भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से रुकी हुई फ्री ट्रेड डील को लेकर अब बड़ी प्रगति के संकेत मिलने लगे हैं. केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कनाडा दौरे के दौरान कहा है कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और यह व्यापार समझौता तय समय सीमा से पहले भी पूरा हो सकता है. पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक और राजनयिक तनाव के कारण दोनों देशों के संबंधों में काफी ठंडापन आ गया था. ऐसे माहौल में पीयूष गोयल का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे व्यापार और निवेश के मोर्चे पर नई शुरुआत की उम्मीद जगी है.
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी सीईपीए (CEPA) को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है. अब केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया है कि यह समझौता दिसंबर 2026 की तय डेडलाइन से काफी पहले भी फाइनल हो सकता है. सरकार का मानना है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की इच्छा पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत हुई है, जिसकी वजह से बातचीत में तेजी आई है.
2030 तक 50 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
फिलहाल भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 8 अरब डॉलर के आसपास है. अब दोनों देशों ने इसे अगले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. इस बड़े लक्ष्य के पीछे दोनों देशों की रणनीति सिर्फ पारंपरिक व्यापार बढ़ाने की नहीं बल्कि नए और भविष्य से जुड़े सेक्टर्स में साझेदारी मजबूत करने की भी है.
भारतीय कंपनियों का बड़ा डेलिगेशन पहुंचा कनाडा
इस दौरे की खास बात यह भी है कि पीयूष गोयल के साथ भारत की 100 से ज्यादा बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी कनाडा पहुंचे हैं. यह प्रतिनिधिमंडल वहां के निवेशकों, उद्योगपतियों और कंपनियों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है. सरकार की कोशिश है कि कनाडा में भारतीय कंपनियों के लिए निवेश, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन से जुड़े नए अवसर तैयार किए जाएं.
इन सेक्टर्स पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस
इस बार भारत और कनाडा के बीच होने वाली बातचीत सिर्फ पारंपरिक वस्तुओं के आयात और निर्यात तक सीमित नहीं है. दोनों देश क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन जैसे रणनीतिक सेक्टर्स में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. कनाडा के पास लिथियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है, जो भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल और क्लीन एनर्जी योजनाओं के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
रिश्तों में नरमी के संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया व्यापारिक बातचीत दोनों देशों के बीच संबंधों में नरमी आने का संकेत दे रही है. कनाडाई नेतृत्व और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के बीच सकारात्मक बैठकों को आर्थिक रिश्तों के नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है. अगर यह फ्री ट्रेड समझौता तय समय से पहले पूरा होता है, तो इससे दोनों देशों के व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को बड़ा फायदा मिल सकता है.

