मथुरा के सदर तहसील क्षेत्र के मौजा अल्हेपुर में करीब 4 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगा है। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने खसरा संख्या 58 की नवीन परती भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह जमीन चकबंदी के दौरान वर्ष 2000 में नवीन परती के रूप में छोड़ी गई थी। गांव के मुहाने पर मुख्य मार्ग से लगी होने के कारण इसकी बाजार कीमत करीब 4 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इन लोगों पर कब्जे का आरोप प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रहलाद, सत्यप्रकाश, मुकुट, हरिराम, रमेश, करन और टिंकू पुत्रगण राधाचरण तथा राहुल पुत्र दुर्गाप्रसाद खसरा संख्या 58 की जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों की लंबे समय से इस बेशकीमती जमीन पर नजर थी। अब सरकारी भूमि पर निर्माण कराने या कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले नगर निगम मथुरा-वृंदावन में भी की गई थी, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर कब्जा हटाने की मांग ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से खसरा संख्या 58 के राजस्व अभिलेखों की जांच कराने और सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। साथ ही कब्जे का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की अपील की है। शिकायत के साथ खसरा संख्या 58 की खतौनी की नकल भी लगाई गई है। अब मामले में प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है।
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मथुरा में 4 करोड़ की सरकारी जमीन पर कब्जा: ग्रामीण पहुंचे DM कार्यालय, बोले- लंबे समय से बेशकीमती जमीन पर नजर – Mathura News
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