Monday, April 13, 2026
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मलबे में फंसे लोगों को बचाने का मॉक ड्रिल: अशोकनगर में लखनऊ की एनटीआरएफ टीम; आग पर काबू पाने का भी अभ्यास – Ashoknagar News


अशोकनगर के कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में गुरुवार को भूकम्प आपदा पर आधारित एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से आई 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने हिस्सा लिया। कलेक्टर आदित्य सिंह की उपस्थिति में ट

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मॉक ड्रिल की शुरुआत कंट्रोल रूम को मकान गिरने की सूचना मिलने के साथ हुई। सूचना मिलते ही अलार्म बजा और एनडीआरएफ की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। टीम ने जर्जर बिल्डिंग के मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए तत्काल अभियान शुरू किया।

बचाव दल ने सबसे पहले फंसे हुए लोगों की तलाश की। इस दौरान यह घोषणा की गई कि यदि कोई व्यक्ति मलबे में फंसा है, तो वह पत्थर खटखटाकर अपनी उपस्थिति बता सकता है, जिससे उसके स्थान को चिह्नित किया जा सके।

आपदा के समय रेस्क्यू करने का अभ्यास करता बचाव दल।

वहां बनाया गया प्रतीकात्मक मकान मलबे के अंदर जाने का रास्ता न होने पर टीम ने दीवारों में तीन छेद (हॉल) बनाए। यह सुनिश्चित किया गया कि छेद बनाते समय किसी व्यक्ति को चोट न लगे। इसके बाद कैमरा से लैस मशीन का उपयोग कर अंदर फंसे लोगों की स्थिति का पता लगाया गया।

मशीन की स्क्रीन पर देखकर और आवाज सुनकर फंसे लोगों की पहचान की गई, जिसके बाद ड्रिल के माध्यम से कटिंग की प्रक्रिया शुरू की गई।

बचाव दल ने सफलतापूर्वक बिल्डिंग के अंदर फंसे व्यक्तियों को बाहर निकाला। उन्हें स्ट्रेचर पर रखकर तत्काल अस्पताल भेजा गया। इसके बाद अन्य फंसे हुए लोगों की तलाश की गई। गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ऑक्सीजन लगाकर एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया।

अभ्यास के दौरान आग लगने की स्थिति से निपटने का भी प्रदर्शन किया गया, जिस पर फायर ब्रिगेड ने काबू पाया। तीसरी मंजिल पर फंसे एक व्यक्ति को रस्सी की सहायता से सुरक्षित निकाला गया।

इसके अतिरिक्त, मलबे में फंसे एक बच्चे को एक महिला कर्मी ने सुरक्षित बाहर निकाला। अंत में, यह सुनिश्चित किया गया कि मलबे में कोई अन्य व्यक्ति फंसा नहीं है।



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