Sunday, August 2, 2026
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मां दुर्गा को प्रिय ‘बोबरा’, छत्तीसगढ़ के घर-घर में बनता है ये प्रसाद, रेसिपी


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Bilaspur News: नवरात्रि में छत्तीसगढ़ के घर-घर में बोबरा बनाया जाता है. दरअसल इसे मां दुर्गा को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है. महिलाएं बड़े उत्साह से बोबरा रोटी बनाती हैं और इसे देवी को अर्पित करती हैं.

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ सिर्फ अपनी लोक-संस्कृति और परंपराओं के लिए नहीं बल्कि यहां के देसी स्वाद के लिए भी जाना जाता है. यहां के पारंपरिक व्यंजन न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होते हैं बल्कि उनमें मिट्टी की महक भी बसी होती है. ऐसा ही एक लाजवाब और बेहद लोकप्रिय मीठा व्यंजन है ‘बोबरा’, जिसे चावल, गुड़ और गेहूं के आटे से बेहद आसान तरीके से बनाया जाता है. यह रेसिपी खासकर उन लोगों के लिए है, जो अपने घर में कुछ नया, पारंपरिक और मीठा पकाना चाहते हैं.

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में खासतौर पर तीज-त्योहार या किसी विशेष मौकों पर बोबरा बनाया जाता है. इसे ‘बोबरा रोटी’ भी कहा जाता है क्योंकि यह हल्की फूली हुई मीठी पूरी की तरह होती है. इसका स्वाद न तो पूरी तरह मिठाई जैसा होता है और न ही आम रोटी जैसा. यह बीच का ऐसा स्वाद है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है.

नवरात्रि में प्रसाद का हिस्सा
नवरात्रि के दौरान छत्तीसगढ़ के घर-घर में बोबरा का खास महत्व होता है. इसे मां दुर्गा को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है. इस दौरान महिलाएं बड़े उत्साह से बोबरा रोटी बनाती हैं और इसे मां दुर्गा को अर्पित करती हैं. पूजा के बाद यह प्रसाद परिवार और भक्तों में बांटा जाता है. यही कारण है कि बोबरा केवल एक व्यंजन नहीं बल्कि आस्था और परंपरा का प्रतीक भी है.

बनाने में आसान बोबरा
बोबरा बनाने की विधि बेहद सरल है. बिलासपुर जिले के मस्तूरी ब्लॉक की रहने वाली गृहिणी भाग्यवती लोकल 18 को बताती हैं कि इसे बनाने के लिए सबसे पहले चावल को रातभर पानी में भिगोया जाता है और सुबह पीसकर उसका घोल तैयार किया जाता है. चाहें तो तैयार चावल का आटा भी इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन खुद से पीसे हुए चावल से ज्यादा स्वाद आता है.

बोबरा की रेसिपी
बोबरा बनाने में मुख्य रूप से चावल का आटा, गेहूं का आटा, गुड़ या चीनी, बेकिंग सोडा और तेल की जरूरत होती है. चावल और गेहूं के आटे को मिलाकर उसमें गुड़ मिलाया जाता है और थोड़ा पानी डालकर घोल तैयार किया जाता है. यह घोल न ज्यादा गाढ़ा होना चाहिए और न ज्यादा पतला ताकि यह आसानी से चम्मच से कड़ाही में डाला जा सके.

तलने से करारापन और मिठास
कड़ाही में तेल गर्म करके उसमें चम्मच से घोल डालते हैं. जैसे ही वह एक तरफ से सेंक लिया जाता है, तो पूरी की तरह फूल जाता है. फिर उसे पलटकर दूसरी ओर से भी सेंकते हैं. जब दोनों तरफ से हल्का लाल हो जाए, तब उसे निकाल लिया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में समय कम लगता है और स्वाद का परिणाम शानदार मिलता है.

छत्तीसगढ़ी मिठास और भक्ति का अनोखा अनुभव
बोबरा गरमागरम खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है. इसे नाश्ते, शाम के चाय के साथ या विशेष अवसरों पर परोसा जा सकता है. वहीं नवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों पर इसे प्रसाद के रूप में अर्पित करने की परंपरा छत्तीसगढ़ की भक्ति और मिठास का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है. यह व्यंजन न सिर्फ भूख मिटाता है बल्कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मिठास और धार्मिक महत्व का अनुभव भी कराता है. अगर आप कुछ नया और देसी स्वाद में रचा-बसा व्यंजन बनाना चाहते हैं, तो बोबरा एक बेहतरीन विकल्प है. इसे एक बार चखने के बाद आप इसे बार-बार बनाना चाहेंगे. छत्तीसगढ़ की इस पारंपरिक मिठास और आस्था से जुड़े बोबरा को जरूर आजमाएं और अपने घर के स्वाद में एक नया अनुभव जोड़ें.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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