Tuesday, October 20, 2026
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मुंगेर में गंगा खतरा निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर: जिले के 6 प्रखंडों की 38 पंचायतों के 3.63 लाख लोग प्रभावित, कृष्णानगर में 30 घर डूबे – Munger News




मुंगेर में गंगा का जलस्तर गुरुवार से तेजी से बढ़ रहा है। गंगा यहां खतरा निशान 39.33 मीटर को पार कर 39.38 मीटर पर पहुंच गई है, जो खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर है। पानी हर घंटे करीब 2 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। मुंगेर जिले के 6 प्रखंडों की 38 पंचायतों के 3,63,138 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर ने बताया कि ऊपरी इलाकों से मिली रिपोर्ट के अनुसार, इस बार गंगा 2016 के रिकॉर्ड जलस्तर को भी पार कर सकती है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित इलाकों में अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। कृष्णानगर में 30 से अधिक घर डूबे गंगा के बढ़ते पानी का सबसे अधिक असर दियारा और निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। हवेली खड़गपुर अनुमंडल क्षेत्र के कृष्णानगर गांव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां 30 से अधिक घर पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। गांव में पानी प्रवेश करने के बाद कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। वहीं कुछ परिवार अभी भी घर की दूसरी मंजिल या छत पर छोटे बच्चों और बकरियों के साथ रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण परमानंद यादव ने बताया कि उनके घर में करीब पांच फीट पानी जमा हो गया है। घर के सभी सदस्यों को रिश्तेदार के यहां भेज दिया गया है। गांव के कई अन्य लोग भी घरों में ताला लगाकर ऊंचे स्थानों पर चले गए हैं। ग्रामीण भोगी यादव ने कहा कि गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब तक उन लोगों को किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद कोई अधिकारी गांव का हाल देखने नहीं पहुंचा है।
जाफरनगर, कुतलूपुर और सीताकुंड डीह में कटाव जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा किनारे कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। सदर प्रखंड के जाफरनगर, कुतलूपुर और नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीताकुंड डीह गांव में कटाव की स्थिति बनी हुई है। कई जगह नदी का दबाव बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। फ्लड कंट्रोल विभाग की ओर से कटाव रोकने के लिए बचाव कार्य शुरू किया गया है। जिला प्रशासन की टीम भी प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो कटाव का दायरा और बढ़ सकता है। छह प्रखंडों में बाढ़ का असर, धान की फसल डूबी गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के कई प्रखंडों में दिखाई देने लगा है। सदर मुंगेर, बरियारपुर, जमालपुर, धरहरा, हवेली खड़गपुर और असरगंज प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं। दियारा क्षेत्र के अलावा निचले इलाकों में भी पानी तेजी से फैल रहा है। कई गांव और पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं।

सबसे अधिक असर सदर मुंगेर और बरियारपुर प्रखंड में बताया जा रहा है। खेतों में पानी फैलने से धान की फसल पूरी तरह डूब गई है। इससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा क्षेत्र के ग्रामीण जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं। सीएम करेंगे बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक जिला आपदा पदाधिकारी कमल किशोर ने बताया कि गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। स्थिति को देखते हुए डीएम ने गुरुवार शाम सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों और डीएम के साथ बैठक करेंगे। बैठक में मिलने वाले निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहें और नदी तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें। प्रशासन की ओर से भी प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है।



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