पटना के अनीसाबाद आनंद विहार कॉलोनी में रहने वाले एक कारोबारी से 50 लाख रुपए की ठगी हुई है। साइबर ठगों ने उन्हें शेयर और गोल्ड में निवेश पर दोगुना मुनाफा दिलाने का झांसा दिया था। ठगों ने पहले कारोबारी का भरोसा जीता। उन्होंने दिल्ली के जेवर महल के शेयर में निवेश करने की सलाह दी। भरोसा जीतने के लिए ठगों ने कारोबारी को एक GST नंबर भी दिया। इसके बाद ठगों ने गोल्ड में निवेश को फायदे का सौदा बताया। धीरे-धीरे उन्होंने कारोबारी से अलग-अलग खातों में पैसे जमा करवाए। कारोबारी ने ठगों की बातों पर भरोसा कर अपनी जिंदगी भर की कमाई निवेश कर दी। ठगी का पता तब चला जब कारोबारी ने निवेश किए गए पैसे निकालने की कोशिश की। कई कोशिशों के बाद भी उन्हें पैसा वापस नहीं मिला। उल्टा, साइबर ठगों ने पैसे निकालने के लिए कई तरह की शर्तें रखीं और उनसे और पैसे मांगे। तब कारोबारी को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। पीड़ित को शेयर बाजार में निवेश करने की दी सलाह उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों ने संजीव कुमार से संपर्क किया था। उन्होंने संजीव को शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह दी। बातचीत के दौरान ठगों ने उन्हें दिल्ली के प्रीत विहार में मौजूद जेवर महल के शेयर में निवेश करने को कहा। ठगों ने कारोबारी को समझाया कि सोने की कीमत लगातार बढ़ रही है, इसलिए गोल्ड में निवेश करने पर उन्हें दोगुना मुनाफा मिलेगा। ठगों ने संजीव कुमार को निवेश से जुड़ी कई जानकारी और दस्तावेज भी दिए। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने GST नंबर भी दिया। जब कारोबारी ने इन जानकारियों की जांच की, तो शुरुआत में सभी डिटेल सही लगीं। इससे उनका भरोसा और बढ़ गया। ठगों ने इसी भरोसे का फायदा उठाकर उनसे निवेश के नाम पर पैसे लेना शुरू कर दिया। अलग-अलग नौ बार में खाते में जमा कराई रकम संजीव कुमार ने साइबर शातिरों के बताए खातों में एक बार नहीं, बल्कि अलग-अलग किस्तों में रकम जमा की। उन्होंने बताया कि RTGS के माध्यम से कुल नौ बार में पैसा ट्रांसफर किया। निवेश का यह सिलसिला 11 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक चलता रहा। कारोबारी लगातार रकम लगाते रहे और उन्हें उम्मीद थी कि निवेश बढ़ने के बाद वह अपना पैसा और मुनाफा आसानी से निकाल सकेंगे।धीरे-धीरे उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई निवेश कर दी। कुल मिलाकर 50 लाख रुपए अलग-अलग खातों में जमा करा दिए गए।
पैसा निकालने पर सामने आई ठगी जब संजीव कुमार ने निवेश की गई रकम वापस निकालने की कोशिश की तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। पैसा निकालने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद बदमाशों ने उनसे कई तरह की शर्तें पूरी करने को कहा। रकम निकालने के लिए उनसे और पैसे जमा करने की मांग की गई। इस पर कारोबारी को संदेह हुआ। उन्होंने जब पूरे मामले को समझने की कोशिश की तो उन्हें अहसास हुआ कि निवेश के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की।
पुलिस खंगाल रही खातों और लेनदेन की जानकारी शिकायत मिलने के बाद साइबर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें कारोबारी ने रकम ट्रांसफर की थी। इसके साथ ही पैसे के लेनदेन, मोबाइल नंबर, डिजिटल संपर्क और बदमाशों की ओर से उपलब्ध कराई गई निवेश संबंधी जानकारियों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के पीछे कितने लोग शामिल हैं और रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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