सीतामढ़ी के बेलसंड से लोजपा (रामविलास) विधायक अमित कुमार रानू की जमीन विवाद और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मुजफ्फरपुर ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के कृष्णा टोली निवासी विधवा आशा देवी ने 28 अगस्त को विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई सोनू कुमार उर्फ अभिनव कुमार समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि उनकी जमीन की रजिस्ट्री कराई गई, लेकिन तय रकम का भुगतान नहीं किया गया। महिला का आरोप है कि जमीन का सौदा 35 लाख रुपए में हुआ था, लेकिन उन्हें पूरी राशि नहीं मिली। मामले में चेक और जमीन रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। बुधवार को पीड़ित महिला ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। मामले में विधायक के अलावा उनके भाई और राहुल कुमार, कार्तिक कुमार तथा उज्ज्वल कुमार को आरोपित बनाया गया है। वहीं, अहियापुर के झपहां उदनडीह गांव में जेसीबी से घर और चहारदीवारी तोड़े जाने के मामले में फरार आरोपितों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस टीम ने बुधवार को माड़ीपुर इलाके में भी छापेमारी की थी। विधायक से जुड़े केस अब विशेष MP-MLA कोर्ट में विधायक अमित कुमार रानू के खिलाफ जमीन और तोड़फोड़ से जुड़े मामलों की सुनवाई को लेकर भी कार्रवाई हुई है। विधायक से जुड़े दर्ज मामलों को विशेष MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है। इससे पहले झपहां उदनडीह गांव में तोड़फोड़ से जुड़े मामलों में कई पीड़ितों और गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए जा चुके हैं। इनमें राजा कुमार, अमित कुमार और हरेंद्र कुमार यादव के बयान भी शामिल हैं। फरार आरोपित की तलाश में माड़ीपुर में छापेमारी फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को डीआईयू की टीम ने काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस के साथ माड़ीपुर इलाके में छापेमारी की। पुलिस को सूचना मिली थी कि मामले से जुड़ा एक शातिर आरोपित इलाके में छिपा हुआ है। टीम ने कई संभावित ठिकानों पर तलाशी ली और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की। हालांकि देर शाम तक पुलिस को फरार आरोपित को पकड़ नहीं पाई। झपहां उदनडीह मामले में पुलिस लगातार फरार आरोपितों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विधायक अमित कुमार रानू से जुड़े जमीन रजिस्ट्री, कथित धोखाधड़ी और झपहां उदनडीह तोड़फोड़ मामले में पुलिस और न्यायिक कार्रवाई एक साथ आगे बढ़ रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी। 20 अगस्त को 50 से अधिक लोगों की संपत्ति में तोड़फोड़ का मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां उदनडीह गांव में 20 अगस्त को बड़े पैमाने पर चहारदीवारी और निर्माणाधीन मकानों को जेसीबी से तोड़े जाने का मामला सामने आया था। पुलिस के अनुसार, घटना में 50 से अधिक लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अबतक 28 केस दर्ज हो चुके हैं, 7 की गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर में चहारदीवारी और मकानों में तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने अब तक 28 केस दर्ज किए हैं। 7 की गिरफ्तारी हुई है। दो एफआईआर 29 अगस्त को हुई थी। इसी दिन 7वीं गिरफ्तारी जेसीबी मालिक सुबोध की हुई थी। इसी की जेसीबी से चहारदीवारी तोड़ी गई थी। वहीं, एफआईआर करने वाले आशा देवी और विजय कुमार हैं। दोनों ने अपनी-अपनी प्राथमिकी में बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू को नामजद किया है। अब तक विधायक पर 10 मामले दर्ज हो चुके हैं।
ये हो चुके हैं गिरफ्तार नन्हे सिंह और छोटू यादव ये दोनों विधायक के बेलसंड ऑफिस से हथियार के साथ धराए थे। सुमित कुमार श्रीवास्तव और सनी सिंह ये दोनों मौके से गिरफ्तार हुए थे। जहां तोड़फोड़ किया गया था। शिवहर का विकास राठौड़ अहियापुर के अयाचीग्राम में किराए के मकान में रहता था। शराब का काम करता था। विधायक के लोगों के साथ उठना-बैठना था। इसके किराए के मकान से शराब मिली थी। जिसके बाद इसे भी गिरफ्तार किया गया था। आनंद कुमार इसकी गिरफ्तारी अहियापुर से हुई थी। अज्ञात लोगों के सत्यापन में इसका नाम सामने आया था। वहीं, अब जेसीबी मालिक सुबोध की गिरफ्तारी हुई है।
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