खरगोन जिला अस्पताल में विश्व क्लब फुट दिवस के अवसर पर क्लब फुट से पीड़ित चार नवजात बच्चों को विशेष ब्रेसेस (विशेष जूते) प्रदान किए गए। इन बच्चों का चरणबद्ध प्लास्टर उपचार सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद उन्हें यह विशेष जूते पहनाए गए, ताकि भविष्य में उनके पैरों की विकृति दोबारा न हो और वे सामान्य बच्चों की तरह चल-फिर सकें। इस अवसर पर सिरवेल गांव की 22 दिन की जुड़वा बच्चियां गीता और मनीषा, पिता अनिल किराड़े, चिपीपुरा की 19 दिन की साक्षी, पिता ओमकार, तथा झिरन्या के 45 दिन के वासु, पिता जितेंद्र राठौड़ को विशेष जूते प्रदान किए गए। डॉक्टर बोले- जन्मजात विकृति थी जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक वास्के की देखरेख में इन बच्चों का उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है, जिसमें शिशु के एक या दोनों पैर अंदर और नीचे की ओर मुड़े हुए होते हैं। यदि समय रहते इसका उपचार नहीं कराया जाए, तो बच्चे को आगे चलकर चलने-फिरने में गंभीर परेशानी हो सकती है। डॉ. वास्के ने बताया कि इस बीमारी के उपचार में पैर को धीरे-धीरे सही स्थिति में लाने के लिए क्रमिक रूप से प्लास्टर लगाए जाते हैं। कई मामलों में आवश्यकता पड़ने पर छोटी शल्य क्रिया भी की जाती है। उपचार पूरा होने के बाद बच्चों को विशेष ब्रेसेस या जूते पहनाए जाते हैं, जिससे पैर सही स्थिति में बने रहते हैं और विकृति दोबारा विकसित नहीं होती। समय पर इलाज से सामान्य जीवन संभव विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्लब फुट की पहचान जन्म के तुरंत बाद हो जाए और समय पर उपचार शुरू कर दिया जाए, तो अधिकांश बच्चे पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसके लिए माता-पिता को जागरूक रहना और नियमित उपचार कराना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान डीईआईसी मैनेजर विनोद पवार, डॉ. शुभम महाजन और अनुष्का फाउंडेशन के मनोज यादव भी मौजूद रहे। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि नवजात शिशुओं में यदि पैरों की बनावट असामान्य दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें, ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सके और बच्चे को भविष्य में किसी प्रकार की शारीरिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
Source link
मुड़े हुए पैरों वाले 4 नवजात बच्चों को मिला सहारा: खरगोन में जन्मजात विकृति से जूझ रहे थे बच्चे, उपचार के बाद पहनाए गए विशेष ब्रेसेस – Khargone News
RELATED ARTICLES

