बिहार के बक्सर की रहने वाली एक छात्रा ने हरियाणा में सुसाइड कर लिया। छात्रा का नाम दीक्षा दुबे (19) है और वह हरियाणा की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में पढ़ाई कर रही थी। उसका शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने लिखा, “मुझे माफ कर दो मम्मी पापा, मैं किसी काम की नहीं हूँ, मैंने खुद को बिगाड़ लिया है, मुझे खुद से नफरत है।” सुसाइड से पहले फ्रेंड को मैसेज किया सुसाइड से पहले दीक्षा ने अपनी फ्रेंड को आखिरी मैसेज किया- मुझसे और नहीं हो पा रहा..। हालांकि, कुछ देर बाद उसे डिलीट कर दिया। इसके बाद दीक्षा की फ्रेंड उसे कॉल और मैसेज करती रही, लेकिन दीक्षा की तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आया। उसकी फ्रेंड को लगा कि दीक्षा अपने रूम पर आकर सो गई, इसलिए दीक्षा रिप्लाई नहीं दे रही। पुलिस सूत्रों की मानें, तो 16 अप्रैल की सुबह दीक्षा AIDS की लैब अटेंड करने के बाद दोपहर करीब 1 बजे अपनी फ्रेंड के साथ मैस में आई। यहां कुछ देर रुकने के बाद दीक्षा मैस से चली गई और उसकी फ्रेंड अपनी दूसरी सहेली के पास चली गई। मैसेज करके डिलीट किया दोपहर के बाद दीक्षा दोबारा AIDS लैब में नहीं जाना चाहती थी, इसलिए उसने अपनी फ्रेंड को मैसेज करके लैब जाने से मना कर दिया। दोनों के बीच कुछ चैट हुई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसके थोड़ी बाद दीक्षा ने अपनी फ्रेड को एक मैसेज किया। उसकी फ्रेंड ने मैसेज थोड़ा पढ़ा, लेकिन दीक्षा ने उसे डिलीट कर दिया। फिर नहीं हुई कोई बातचीत शायद उस मैसेज में दीक्षा ने लिखा कि और नहीं हो पा रहा। उस मैसेज के बाद दीक्षा ने अपनी फ्रेंड के साथ कोई बातचीत नहीं की, बल्कि उसकी फ्रेंड ने उसे कॉल भी किया। फिर करीब 3 बजे उसकी फ्रेंड अपनी दूसरी सहेली के साथ दीक्षा से मिलने गई, तो उसके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने काफी खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। फंदे पर लटकी मिली NIT प्रशासन को बुलाने के बाद रोशनदान से झांक कर देखा, तो दीक्षा का शव रस्सी के साथ पंखे पर लटका हुआ था। बताते चलें कि दीक्षा NIT में ऑर्टिफिशियल एंड डेटा साइंस स्ट्रीम से बीटेक कर रही थी। दीक्षा बिहार के बक्सर जिले की रहने वाली थी। हालांकि उसका परिवार यूपी के अलीगढ़ में रहता है। पिता कंपनी में ऑपरेटर दीक्षा के पिता शशि कुमार दुबे अलीगढ़ में बीयर बनाने वाली कंपनी में ऑपरेटर है। उसकी मां पूनम देवी हाउसवाइफ है और दोनों छोटे भाई आयुष और दिव्याम स्कूल में पढ़ते हैं। परिवार को दीक्षा के सुसाइड करने पर यकीन नहीं हो रहा है। परिवार मामले की उच्च जांच करने की मांग कर रहा है। हालांकि परिवार ने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया। पेंसिल से लिखा सुसाइड नोट पुलिस को दीक्षा के कमरे से एक रजिस्टर बरामद हुआ। इसमें पुलिस को इंग्लिश में पेंसिल से लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में लिखा मिला कि I AM SORRY MUMMY PAPA, I AM NOT WORTH OF ANYTHING, I JUST SPOILED MY SELF, I HATE MY SELF HATE. दूसरे पेज पर सिर्फ सुसाइड लिखा था। सुसाइड की वजह साफ नहीं नोट मिलने के बाद भी दीक्षा के सुसाइड करने की वजह साफ नहीं हो पाई। पिता शशि कुमार दूबे के मुताबिक, दीक्षा की घर पर उसकी मां के साथ बात होती रहती थी। घटना से पहले सुबह दीक्षा की उसकी मां के साथ बातचीत हुई थी। बातचीत से लगा नहीं कि दीक्षा सुसाइड करेगी। दीक्षा को परिवार और पढ़ाई को लेकर कोई स्ट्रेस नहीं था।
वीडियोग्राफी के बीच हुआ पोस्टमॉर्टम केयूके थाना के SHO विशाल ने बताया कि पुलिस की ओर से हॉस्टल की 2 लड़कियों के सामने सारी कार्रवाई की गई। दो डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमॉर्टम करवा कर शव परिवार को सौंप दिया। परिजनों की ओर से कोई बयान और शिकायत नहीं दी गई। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है। प्रदर्शन के बाद वार्डन बदली गईं दीक्षा सुसाइड केस और स्टूडेंट्स के हंगामे के बाद NIT प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गर्ल हॉस्टल की चीफ वॉर्डन, डिप्टी वॉर्डन और एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेल्फेयर को बदल दिया। गर्ल हॉस्टल की चीफ वॉर्डन डॉ. वृंदा गोयल की जगह प्रो. ज्योति ओहरी और डिप्टी चीफ वॉर्डन डॉ रितु गर्ग को बनाया गया है। साथ ही स्टूडेंट वेलफेयर एसोसिएट डीन प्रो. वीके वाजपेयी और डॉ. पूनम जिंदल को लगाया गया है। हालांकि NIT में यह बदली आपसी खींचतान को लेकर भी मानी जा रही है। एक और स्टूडेंट ने किया सुसाइड का प्रयास देर रात करीब 11:30 बजे एक और छात्रा ने सुसाइड की कोशिश की। महाराष्ट्र के भौसरे की रहने वाली छात्रा ने कल्पना चावला हॉस्टल की 5वीं मंजिल से कूदने चाहा, लेकिन उसे साथ वाले स्टूडेंट्स ने पकड़ लिया और बचा लिया। घटना के बाद NIT में हड़कंप मच गया। फर्स्ट इयर की स्टूडेंट ये लड़की NIT में कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम बीटेक की फर्स्ट इयर में 2nd सेमेस्टर की छात्रा है और गर्ल हॉस्टल के सी ब्लॉक में भाग्यरथी हॉस्टल में रहती है। घटना की सूचना मिलते ही NIT प्रसासन, DSP हेडक्वार्टर, SHO केयूके और चौकी इंचार्ज 3rd गेट ने लड़की को समझाया और उसे करीब अस्पताल में भती करवाया।
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