समस्तीपुर सदर अस्पताल में जन्माष्टमी की रात सरस्वती कुमारी ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का जन्म देर रात करीब एक बजे हुआ। नवजात को गोद में लेकर उसकी नानी उषा देवी ने कहा कि ये मेरा सिर्फ नाती नहीं, मेरे घर जन्माष्टमी में भगवान आए हैं। वहीं, नवजात की मां सरस्वती कुमारी ने कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मैंने व्रत रखा था और घर में जन्मोत्सव की तैयारी कर रही थीं। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर 11 सितंबर को प्रसव की संभावित तिथि बताई थी। इसलिए परिवार को उम्मीद नहीं थी कि कृष्ण जन्माष्टमी की रात ही बच्चे का जन्म होगा। देर रात 10 बजकर 30 मिनट पर लेबर पेन हुआ था उषा देवी ने बताया कि मेरी बेटी सरस्वती देवी को शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सरस्वती ने मुझे इसकी जानकारी दी। इसके बाद घर के अन्य सदस्य पूजा-अर्चना में जुटे रहे, जबकि सरस्वती अपनी मां के साथ रात करीब 11:30 बजे सदर अस्पताल पहुंचीं। यहां उन्हें भर्ती कराया गया। इसी दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ और कुछ ही देर बाद सरस्वती के घर भी बेटे की किलकारी गूंज उठी। तीन साल पहले जन्माष्टमी पर बेटी का जन्म हुआ था, राधा नाम रखा था बच्चे की नानी उषा देवी ने बताया कि तीन साल पहले भी कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर उनके घर नतनी का जन्म हुआ था, जिसका नाम राधा रानी रखा गया है। अब नाती के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि नाती का नाम कृष्ण-कन्हैया रखा जाएगा। ‘डॉक्टर ने 11 सितंबर की डेट दी थी, उम्मीद नहीं थी कि कान्हा आएंगे’ कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर पुत्र रत्न की प्राप्ति से खुश सरस्वती कुमारी ने बताया कि उनके पति अमित कुमार प्रदेश में रहते हैं। वह रातलाट बसे पूरा गांव में जन्माष्टमी की तैयारी कर रही थीं और उन्होंने खुद भी व्रत रखा था। सुबह से ही उन्होंने कुछ नहीं खाया था। डॉक्टर ने 11 सितंबर को प्रसव की संभावित तिथि बताई थी, इसलिए उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उसी रात बच्चे का जन्म होगा। लेकिन रात करीब 10:30 बजे अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद वह अपनी मां के साथ सदर अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने बेटे को जन्म दिया। जन्माष्टमी पर सदर अस्पताल में तीन बच्चों का हुआ जन्म सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी की रात अस्पताल में तीन बच्चों का जन्म हुआ। रात 12:01 बजे एक बच्ची का जन्म हुआ। इसके बाद रात 12:29 बजे सरस्वती कुमारी ने पुत्र को जन्म दिया। वहीं, रात करीब 3 बजे एक अन्य महिला ने बच्ची को जन्म दिया। तीनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
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