Sunday, April 12, 2026
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राजगढ़ अस्पताल के दवा स्टोर आग से दीवारें काली पड़ीं: दवाइंया समेत फाइलें खाक, दावा- फ्रिज में फाल्ट से हादसा; जांच टीम गठित – rajgarh (MP) News


राजगढ़ के जिला अस्पताल के दवा स्टोर रूम में शुक्रवार को भीषण आग लग गई थी। इस मामले की जांच के लिए CMHO ने शनिवार को पांच सदस्यों की जांच टीम गठित की है, जो दो दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस घटना में कई फाइलों के साथ दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक सामान जल

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अब सवाल यह उठ रहा है कि कहीं यह आग महत्वपूर्ण फाइलों को नष्ट करने की कोई साजिश तो नहीं थी। इन सभी पहलुओं पर जांच टीम गहनता से जांच करेगी।

आगे से स्टोर में लगे पंखों का ऐसा हाल हुआ कि तीनों पंखुड़ियां तक नहीं बचीं।

दूर तक दिखाई दिया था धुएं का गुबार जिला अस्पताल के दवा स्टोर रूम में शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े चार बजे अचानक भीषण आग लग गई थी। आग लगते ही पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और काले धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा। सूचना मिलते ही राजगढ़ कोतवाली पुलिस, नगर पालिका की टीम और दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।

दमकल कर्मियों ने पहले स्टोर रूम की खिड़कियों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की लगातार कोशिश की। आग की गंभीरता को देखते हुए राजगढ़ के साथ-साथ अन्य स्थानों से भी अतिरिक्त फायर वाहनों को बुलाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से स्टोर रूम का शटर गेट तोड़ा गया और फायर ब्रिगेड द्वारा अंदर से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया।

हादसे से ट्यूब लाइट का कुछ ऐसा हाल हुआ।

हादसे से ट्यूब लाइट का कुछ ऐसा हाल हुआ।

दैनिक भास्कर ने स्टोर रूम के अंदर देखे हालात घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम हालात जानने के लिए स्टोर रूम के अंदर पहुंची। अंदर का नजारा देखकर साफ था कि आग काफी तेज रही होगी। स्टोर रूम के आधे से ज्यादा हिस्से की दीवारें और छत आग से निकले धुएं के कारण पूरी तरह काली हो चुकी थीं।

अंदर चारों तरफ जलने की गंध फैली हुई थी, अंदर पीछे जाने पर कुछ जगह जली व पिघली दवाइयां पड़ी नजर आ रही थीं। फर्श पर इंजेक्शन, दवाइयों के पैकेट और ड्रॉप की बोतलें बिखरी पड़ी थीं। कई जगह दवाइयां जल चुकी थीं, तो कई जगह तेज गर्मी के कारण पिघल गई थीं।

पंखे, ट्यूब लाइट और AC तक पिघल गए आग की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्टोर रूम के अंदर लगे पंखे, ट्यूब लाइट और एयर कंडीशनर (AC) तक पिघल गए। एक पंखे की तीनों पंखुड़ियां गर्मी से पिघलकर टूट चुकी थीं।

स्टोर रूम में जगह-जगह लगी करीब 20 से अधिक ट्यूब लाइटें या तो पिघलकर नीचे की ओर लटक रही थीं या पूरी तरह जल चुकी थीं। कुछ ट्यूब लाइटें पूरी तरह गलकर खराब हो गई थीं। दीवारों और छत पर जमी कालिख यह बता रही थी कि अंदर तापमान काफी ज्यादा रहा होगा।

अलमारियों और फर्श पर जली दवाइयां स्टोर रूम के शटर के पास जली हुई फाइलों का ढेर लगा हुआ था। ठीक उसके पास रखी अलमारियों में दवाइयां, इंजेक्शन और अन्य मेडिकल सामग्री रखी हुई थी। इनमें से कुछ दवाइयां पूरी तरह जल चुकी थीं, जबकि कुछ दवाइयां और इंजेक्शन पिघलकर आपस में चिपक गए थे।

स्टोर रूम के बीचों-बीच भी जली और खराब हो चुकी दवाइयां पड़ी थीं। कई जगह शीशियां टूट चुकी थीं और उनके अवशेष फर्श पर बिखरे हुए थे। अंदर का दृश्य यह साफ बता रहा था कि आग तेजी से फैली और काफी देर तक रही।

फ्रिज बने आग की बड़ी वजह

स्टोर रूम के अंदर रखे फ्रिज भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आए। प्लास्टिक बॉडी पिघल चुकी थी और अंदर रखा स्टॉक पूरी तरह खराब हो गया था। यही फ्रिज आग के फैलने की मुख्य वजह बने।

इसी औषधि भंडार में आग लगने की घटना हुई। कुछ लोगों ने इसे साजिश होने आशंका भी जताई है।

इसी औषधि भंडार में आग लगने की घटना हुई। कुछ लोगों ने इसे साजिश होने आशंका भी जताई है।

फार्मासिस्ट ने बताई आग लगने की वजह

स्टोर रूम में पदस्थ फार्मासिस्ट हारून अख्तर ने बताया कि सबसे पहले अस्पताल कैंपस में लगी डीपी में फाल्ट हुआ। इसके बाद तेज धमाके के साथ पूरे एरिया की बिजली गुल हो गई।

उन्होंने बताया कि इसी दौरान इस कैंपस में बने औषधि भंडार जिला राजगढ़ के स्टोर रूम में करीब सवा 4 बजे फाल्ट के कारण अंदर रखे फ्रिज में आग लग गई। इस स्टोर रूम में कुल 5 फ्रिज एक साथ रखे हुए थे। आग पहले एक फ्रिज में लगी और फिर देखते ही देखते एक के बाद एक सभी पांचों फ्रिजों में फैल गई।

आग लगते समय अंदर मौजूद थे कर्मचारी हारून अख्तर के अनुसार, आग लगने के समय वे खुद, फार्मासिस्ट गुंजन कनावत, कंप्यूटर ऑपरेटर शारिक अंसारी, सपोर्ट स्टाफ राहुल सिसोदिया और श्याम वर्मा स्टोर रूम के अंदर मौजूद थे। सभी अपने-अपने काम में लगे हुए थे।

आग लगते ही सभी ने फायर सिलेंडर की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग बहुत तेजी से फैलने लगी। कुछ ही देर में स्टोर रूम के अंदर धुआं भर गया।

आग लगने से जरूरी फाइलें भी जलकर खाक हो गई।

आग लगने से जरूरी फाइलें भी जलकर खाक हो गई।

दम घुटने लगा, बाहर निकलना पड़ा हारून अख्तर ने बताया कि धुएं के कारण अंदर मौजूद सभी लोगों का दम घुटने लगा और घबराहट की स्थिति बन गई। आग लगातार फैल रही थी, इसलिए जान बचाने के लिए सभी को बाहर निकलना पड़ा। बाहर आकर वरिष्ठ अधिकारियों और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

सूचना मिलने के करीब 15 से 20 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे में पूरी तरह आग पर काबू पाया। अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती, तो नुकसान और ज्यादा हो सकता था।

यह दवा स्टोर रूम केवल जिला अस्पताल के लिए नहीं था। इसी स्टोर से जिले के 6 ब्लॉक के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को दवाइयों की सप्लाई की जाती थी। ऐसे में इस आग का असर सिर्फ जिला अस्पताल तक सीमित नहीं है।

CMOH ने बनाई जांच टीम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMOH शोभा पटेल ने बताया कि दवा स्टोर रूम में लगी आग की जांच के लिए 7 सदस्यीय टीम बनाई गई है। इस टीम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा कर रहे हैं। टीम में 5 डॉक्टर शामिल हैं, जो दो दिन में जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे।

CMOH ने बताया कि आग लगने के समय स्टोर रूम में मौजूद कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे पूछा गया है कि घटना के समय वे कहां थे और आग लगने के क्या कारण रहे।

आग भले ही बुझ गई हो, लेकिन दवा स्टोर के अंदर का दृश्य यह बता रहा है कि यह हादसा कितना बड़ा था और इसका असर आने वाले दिनों में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ सकता है। और अगर समय रहते आग नहीं बुझती तो बहुत ज्यादा बड़ा नुकसान हो सकता था।



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