राजस्थान में कृषि व्याख्याता भर्ती की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पिछले 30 वर्षों में केवल दो बार (2018 और 2022 में) भर्तियां आयोजित की गई हैं। वर्तमान में 225 कृषि प्राध्यापक पदों की भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है।
.
शिक्षा विभाग ने कृषि प्राध्यापक नियम संशोधन प्रक्रिया में देरी के कारण भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया है। इन पदों के लिए वित्त विभाग से मंजूरी अन्य विषयों के प्राध्यापक पदों के साथ मिल चुकी है। हालांकि, कृषि प्राध्यापक नियम संशोधन को अभी केबिनेट की अनुमोदन का इंतजार है।
कृषि व्याख्याता भर्ती के अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि नियम संशोधन प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। उनकी मुख्य मांग है कि इसी वर्ष अलग से भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाए। जीतू गुर्जर ने भी इस मांग को प्रमुखता से उठाया है।
भर्ती में लगातार देरी से कृषि क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं में निराशा बढ़ रही है। यह भर्ती अन्य विषयों के साथ होनी थी, लेकिन नियम संशोधन में देरी के कारण अलग कर दी गई।

