पंजाब के मोहाली में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हुए मशहूर कबड्डी खिलाड़ी दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. बलाचौरिया की हत्या के पीछे कुख्यात लक्की पटियाल गैंग का हाथ बताया जा रहा है. यह गैंग विदेश में बैठा गैंगस्टर लक्की पटियाल चलाता है और इसका सीधा संबंध बंबीहा गैंग से जोड़ा गया है.
पुलिस के मुताबिक, इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीन शूटर मौके पर पहुंचे थे. एसएसपी हरमनदीप हंस ने बताया कि हमलावर फैन बनकर टूर्नामेंट में आए थे. उन्होंने राणा बलाचौरिया के साथ सेल्फी लेने का बहाना बनाया और जैसे ही मौका मिला, बेहद नजदीक से उनके सिर में गोली मार दी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि गोली पॉइंट ब्लैंक रेंज से मारी गई, जो पीछे से सिर में लगी और मुंह के रास्ते बाहर निकल गई. गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाने से पहले ही राणा की मौत हो चुकी थी.
किसने की बलाचौरिया की हत्या?
क्यों की गई यह हत्या?
पुलिस जांच में साफ हुआ है कि यह हत्या कबड्डी जगत में वर्चस्व कायम करने के इरादे से की गई. राणा बलाचौरिया को पहले गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से जुड़ा बताया जाता रहा है. हालांकि, सोशल मीडिया पर बंबीहा गैंग की ओर से किए गए दावे में कहा गया था कि राणा ने सिद्धू मूसेवाला के हत्यारों को पनाह दी थी और इसी वजह से उसे मारा गया. लेकिन एसएसपी हरमनदीप हंस ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस केस का सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है.
इस गोलीबारी में रोपड़ में रहने वाला एक अन्य व्यक्ति जगप्रीत सिंह भी घायल हुआ है. पुलिस के मुताबिक, जगप्रीत उस वक्त गोली का शिकार हुआ जब वह जमीन पर गिरे राणा को बचाने के लिए उनकी ओर दौड़ा था. फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार शूटरों को पकड़ लिया जाएगा और इस हत्याकांड से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा.
कौन था राणा बलाचौरिया?
राणा बलाचौरिया का असली नाम कंवर दिग्विजय सिंह था. वह मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के एक राजशाही परिवार से ताल्लुक रखते थे. उनके परदादा ऊना के पास स्थित एक रियासत के राजा रहे थे. बाद में उनका परिवार पंजाब के नवांशहर जिले के बलाचौर में आकर बस गया, जहां राणा बलाचौरिया ने अपनी अलग पहचान बनाई. खेलों के प्रति उनका झुकाव बचपन से ही रहा… शुरुआत उन्होंने पहलवानी से की और फिर कबड्डी की दुनिया में कदम रखा, जहां वे एक जाने-पहचाने खिलाड़ी और प्रमोटर बनकर उभरे.
कबड्डी खिलाड़ी के तौर पर पहचान बनाने के बाद राणा ने अपनी खुद की कबड्डी टीम भी बनाई और टूर्नामेंट्स के आयोजन व प्रमोशन में सक्रिय भूमिका निभाने लगे. खेल के साथ-साथ वह मॉडलिंग में भी हाथ आजमा रहे थे और आने वाले समय में म्यूजिक वीडियोज़ और गानों में काम करने की योजना बना रहे थे. निजी जीवन में भी हाल ही में उनके जीवन की नई शुरुआत हुई थी. उन्होंने 6 दिसंबर को देहरादून की एक युवती से लव मैरिज की थी. लेकिन शादी के महज 11 दिन बाद ही उनकी निर्मम हत्या ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे कबड्डी जगत को झकझोर कर रख दिया.

