लखनऊ9 मिनट पहले
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लखनऊ के संत गाडगे आडिटोरियम में चल रहे पांच दिवसीय समारोह रंग-ए-आवारगी में रविवार की शाम षडज बैंड ने अपनी प्रस्तुति से समा बांध दिया। बैंड ने सुरों और ताल की जुगलबंदी से पूरे सभागार को झूमने पर मजबूर कर दिया।
षडज बैंड ने मधुर आलाप से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। बैंड ने दोस्ती, मोहब्बत और इंसानियत का संदेश अपनी धुनों में पिरोकर पेश किया। उनके गीतों में लखनऊ की तहजीब और युवा ऊर्जा का अनूठा मिश्रण देखने को मिला।
नई पीढ़ी को कला और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण
बैंड की प्रस्तुति ने संगीत की विविधता और समृद्धि को दर्शाया। हर धुन ने दर्शकों को भावनाओं की गहराइयों तक पहुंचाया। कार्यक्रम के अंत में रंग-ए-आवरगी संस्था ने षडज बैंड को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
आयोजन समिति ने षडज बैंड को परंपरा और आधुनिकता को जोड़ने वाला सेतु बताया। दर्शकों ने कहा कि यह शाम उनकी यादों में लंबे समय तक रहेगी। आयोजकों के अनुसार ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को कला और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।रंग-ए-आवरगी का यह कार्यक्रम संगीत, कला और नाटक का एक यादगार संगम बन गया।



