कैमूर के भभुआ शहर में लिपिक संवर्ग के दर्जनों कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार की देर शाम मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस समाहरणालय भभुआ से एकता चौक तक गया और फिर वापस समाहरणालय पहुंचा।
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लिपिक संघ के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उनकी 10 सूत्री मांगों पर अभी तक सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर शनिवार तक मांगें नहीं मानी गईं तो बिहार के सभी 38 जिलों के लिपिक संवर्ग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
लिपिक संवर्ग की प्रमुख मांगों में ग्रेड पे में संशोधन, वेतन विसंगति दूर करना, वरीयता और योग्यता के आधार पर बिहार प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति और 50 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा का प्रावधान शामिल हैं।
ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वे पहले ही सरकार से मिल चुके हैं। लेकिन एक भी मांग पर न तो वार्ता हुई और न ही सुनवाई। बिहार में चुनावी माहौल के बीच सरकार कई वर्गों की मांगें मान रही है। ऐसे में लिपिक संवर्ग भी अपनी मांगों को मनवाने के लिए दबाव बना रहा है।

