जालोर में एक बार फिर पंचायत का तुगलकी फरमान सामने आया है। पंचों ने लिव इन में रह रहे 22 साल के युवक और 21 साल की युवती पर 21 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही समाज से बहिष्कार करने की घोषणा की है। आरोप है कि इस फरमान के बाद समाज का कोई व्यक्ति उन
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वे अपने दूर के रिश्तेदार की मौत पर पहुंचे तो वहां से भी उन्हें निकाल दिया गया। वहीं, उन्हें धार्मिक स्थल पर जाने की भी पाबंदी लगा दी है। दावा है कि मुख्य आरोपी पंच ने इसका एक लिखित डॉक्युमेंट भी तैयार किया है। जो उसी के पास है। 11 नामजद आरोपियों पर कार्रवाई न होने के बाद परिजन जालोर एसपी ऑफिस पहुंचे और न्याय की मांग की।
मामले को लेकर जालोर एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया- इस मामले में जांच चल रही है। SHO खुद मामले की जांच कर रहे हैं, कार्रवाई करेंगे।
अब पढ़िए पीड़ित परिवार की कहानी…
मर्जी से रह रहे, परिवार को की आपत्ति नहीं
पीड़ितों ने बताया- युवती का बाल विवाह हुआ था, इसके बाद 2024 में तलाक लेकर युवती अलग रह रही थी। 1 नवंबर 2025 से अपनी मर्जी से समाज के युवक के साथ लिव इन में रहने लगी। दोनों के इस फैसले से सिंधी मुस्लिम समाज के पंच नाराज हो गए।
पीड़ितों ने बताया- फरवरी महीने में धर्मस्थल पर हुई एक सभा में पंचों ने परिवार को बुलाकर चेतावनी दी थी कि दोनों लिव इन में नहीं रह सकते। युवती को वापस उसके माता-पिता के घर छोड़ दिया जाए। इसके लिए पीड़ित परिवार को 2 महीने का समय दिया था।
परिजनों का आरोप है कि न तो उनसे कोई मिलने आता है। न ही उन्हें सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने दिया जा रहा है।
21 लाख जुर्माना, समाज से बहिष्कार
2 महीने पूरे होने के बाद अप्रैल 20 अप्रैल 2026 को एक पंच के घर फिर से बैठक बुलाई गई। इस बैठक में करीब 11 नामजद आरोपियों समेत 61 लोग शामिल हुए थे। बैठक में पंच ने खड़े होकर पूरे परिवार पर 21 लाख रुपए देने का जुर्माना लगा दिया। साथ ही, परिवार का हुक्का-पानी बंद कर समाज से बाहर (न्यात बाहर) करने का फरमान जारी कर दिया। दावा है कि समाज से बहिष्कृत करने का एक लिखित दस्तावेज भी तैयार किया गया है, जो मुख्य आरोपी के पास है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस फरमान के बाद से समाज का कोई भी व्यक्ति उनसे बात नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही धर्म स्थल पर प्रवेश भी बंद करवा दिया है। न समाज के कार्यक्रम में शामिल होने दिया जा रहा है।
अब पढ़िए क्या दी शिकायत…
पूर्व सरपंच को भी नहीं छोड़ा, पंचों का इलाके में खौफ
परिवार ने 1 जून को शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें 11 पंचों के नाम लिखे हैं। जिसमें लतीफ खां, नैने खां, मटार खां, जुसे खां, समीर खां, शुमार खां, शौकत खां, आलम खां, युसुफ खां, इस्माइल खां और हिंदे खां के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि 2 महीना बीत जाने के बाद भी पंचों पर कार्रवाई नहीं हुई है। रिपोर्ट में बताया है कि इलाके में पंचों का खौफ है। इनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं देता है। इससे पहले भी एक पूर्व सरपंच पर को समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुनाया था।
परिवार ने इस मामले को लेकर सोमवार को शैलेन्द्र सिंह से मिलकर कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने आरोप लगाया कि 6 जून को परिवार के दूर के रिश्तेदार की मौत पर 12वें का कार्यक्रम था। वहां से भी बाहर निकाल दिया।
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