Thursday, May 14, 2026
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वर्ल्ड अपडेट्स: अमेरिका में चीन के गुप्त ‘पुलिस स्टेशन’ का खुलासा: न्यूयॉर्क निवासी दोषी करार




न्यूयॉर्क के फेडरल कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक लू जियानवांग को चीन सरकार की ओर से कथित गुप्त पुलिस स्टेशन चलाने का दोषी ठहराया है। यह स्टेशन मैनहटन के चाइनाटाउन इलाके में संचालित हो रहा था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 64 वर्षीय लू जियानवांग, जिसे हैरी लू के नाम से भी जाना जाता है, चीन के पब्लिक सिक्योरिटी मंत्रालय के लिए काम कर रहा था। जूरी ने उसे चीन सरकार के अवैध एजेंट के तौर पर काम करने और जांच में बाधा डालने के आरोप में दोषी माना है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कथित पुलिस स्टेशन 2022 की शुरुआत में शुरू किया गया था। यह एक रामेन स्टॉल के ऊपर पूरे फ्लोर में चल रहा था। FBI जांच शुरू होने के बाद 2022 के अंत में इसे बंद कर दिया गया। प्रॉसिक्यूटर्स ने बताया कि जांच की जानकारी मिलने के बाद लू और उसके सह-आरोपी चेन जिनपिंग ने चीन के अधिकारियों के साथ हुए टेक्स्ट मैसेज डिलीट कर दिए थे। FBI के असिस्टेंट डायरेक्टर जेम्स सी बार्नाकल जूनियर ने कहा कि इस स्टेशन का इस्तेमाल चीन विरोधी लोगों और लोकतंत्र समर्थकों को टारगेट करने के लिए किया गया। मामले के दूसरे आरोपी चेन जिनपिंग ने दिसंबर 2024 में चीन के एजेंट के तौर पर साजिश रचने का आरोप स्वीकार कर लिया था। फिलहाल उसकी सजा तय होना बाकी है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि दुनिया के 53 देशों में चीन के ऐसे 100 से ज्यादा कथित आउटपोस्ट मौजूद हैं। आरोप है कि इनके जरिए विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों और लोकतंत्र समर्थकों की निगरानी की जाती है। हालांकि, चीन इन आरोपों से इनकार करता रहा है। चीन का कहना है कि ये केवल ‘सर्विस स्टेशन’ हैं, जहां विदेशों में रहने वाले नागरिकों को प्रशासनिक मदद दी जाती है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… फिलीपींस सीनेट में गोलीबारी: ICC वॉरंट से बचने के लिए अंदर छिपे सीनेटर डेला रोजा
फिलीपींस की सीनेट बिल्डिंग में बुधवार रात गोलीबारी हुई। यहां ICC के गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे सीनेटर रोनाल्ड डेला रोजा पिछले दो दिनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए अंदर मौजूद हैं। सरकार ने कहा कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कुछ हथियारबंद लोगों ने सीनेट की दूसरी मंजिल में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद चेतावनी के तौर पर फायरिंग की गई। फिलीपींस के गृह सचिव जॉनविक रेमुला ने बताया कि सार्जेंट-एट-आर्म्स ऑफिस के एक सदस्य ने पहले चेतावनी के तौर पर गोली चलाई। इसके बाद संदिग्ध लोग पीछे हटे और हवा में गोलियां चलाते हुए वहां से निकल गए। 64 वर्षीय डेला रोजा सोमवार से सीनेट परिसर में मौजूद हैं। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने उन पर पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो डुटर्टे के साथ मिलकर मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप लगाया है। ICC का आरोप है कि 2016 से 2018 के बीच ड्रग्स विरोधी अभियान में हजारों लोगों की हत्या हुई। कोर्ट ने सोमवार को डेला रोजा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की पुष्टि की थी। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि डेला रोजा को गिरफ्तार करने के लिए किसी सरकारी एजेंसी को सीनेट नहीं भेजा गया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया जारी है। डेला रोजा पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो डुटर्टे के करीबी सहयोगी रहे हैं। डुटर्टे सरकार के दौरान ड्रग्स के खिलाफ अभियान चलाया गया था, जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई थी। पूर्व राष्ट्रपति डुटर्टे को मार्च 2025 में गिरफ्तार कर द हेग भेजा गया था, जहां वे ICC की हिरासत में हैं। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। कीव पर रूस का बड़ा हमला: ड्रोन-मिसाइल अटैक में कई इमारतें क्षतिग्रस्त
रूस ने गुरुवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। हमले में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि एक रिहायशी बिल्डिंग का हिस्सा ढह गया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है। हमले में कम से कम 4 लोग घायल हुए हैं। कीव सैन्य प्रशासन प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने बताया कि शहर के पूर्वी डार्नित्स्की जिले में एक रिहायशी इमारत का हिस्सा ढह गया। मेयर विताली क्लिट्स्को के मुताबिक राजधानी के अलग-अलग इलाकों में भी नुकसान हुआ है। ड्रोन का मलबा एक 12 मंजिला अपार्टमेंट बिल्डिंग पर गिरा, जिससे आग लग गई। उन्होंने बताया कि 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 2 लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया। हमले के बाद कीव में चार घंटे से ज्यादा समय तक एयर रेड अलर्ट जारी रहा। यूक्रेन की एयर फोर्स ने कहा कि रूसी ड्रोन राजधानी और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय रहे। इससे एक दिन पहले बुधवार को भी रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया था। अधिकारियों के मुताबिक पश्चिमी यूक्रेन के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया था, जिसमें कम से कम 6 लोगों की मौत हुई थी।



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