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23 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार के संपत्ति को लेकर किए गए सवाल पर गुस्सा हो गए। ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) के पत्रकार लायंस ने ट्रम्प से पूछा था कि जनवरी में व्हाइट हाउस में वापसी के बाद उनकी पारिवारिक संपत्ति कितनी बढ़ी है।
इस सवाल पर ट्रम्प ने जवाब दिया, ‘मुझे नहीं पता। इसके बाद पत्रकार ने पूछा-
पत्रकार: क्या पद पर रहते हुए राष्ट्रपति को बिजनेस में शामिल होना चाहिए?
ट्रम्प: मैं नहीं मेरे बच्चे बिजनेस संभालते हैं। वैसे तुम कहां से हो?
पत्रकार: ऑस्ट्रेलिया से।
ट्रम्प: तुम इस समय ऑस्ट्रेलिया को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हो। तुम्हारे पीएम मुझसे मिलने आने वाले हैं, मैं उनको तुम्हारे बारे में बताऊंगा।
जब लायंस ने एक और सवाल पूछने की कोशिश की, तो ट्रम्प ने उन्हें चुप रहने को कहा और दूसरे पत्रकार से बात करने चले गए।
हाल के महीनों में, अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं, जब से ट्रम्प प्रशासन ने ऑकस (AUKUS) की समीक्षा की घोषणा की है , जो अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बीच £176 बिलियन (20 लाख करोड़ रुपए) का एक प्रमुख पनडुब्बी सौदा है, जिस पर 2021 में हस्ताक्षर किए गए थे।
इसके अलावा, अप्रैल में ऑस्ट्रेलिया के सभी निर्यातों पर अमेरिका ने 10% का टैरिफ लगाया था, जिसे अल्बनीज ने बुरा बताया था।
एबीसी न्यूज ने बताया कि ये सवाल उनके फोर कॉर्नर्स कार्यक्रम के लिए ट्रम्प के व्यवसायिक गतिविधियों की जांच का हिस्सा थे। इस घटना के बाद, व्हाइट हाउस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट में ट्रम्प की प्रतिक्रिया को साझा करते हुए लिखा गया, ‘ट्रम्प ने एक असभ्य विदेशी फर्जी समाचार को करारा जवाब दिया।’
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भारत ने बेलारूस-रूस युद्ध अभ्यास में हिस्सा लिया, 333 जेट और पनडुब्बियों सहित 247 जहाज शामिल हुए

भारत ने रूस और बेलारूस के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘जापद-2025’ में हिस्सा लिया है। रूसी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक यह अभ्यास पांच दिनों तक चला, जिसमें 1 लाख सैनिकों ने हिस्सा लिया।
यह अभ्यास दोनों देशों के 41 ट्रेनिंग सेंटर पर हुआ, इसमें 333 जेट और पनडुब्बियों सहित 247 नौसैनिक जहाज शामिल थे।
यह अभ्यास रूस के नाटो देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच हुआ, हाल ही में पोलैंड में रूसी ड्रोन गिराए गए थे।
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि 65 भारतीय सैनिक इस अभ्यास में शामिल हुए। इसका मकसद रूस के साथ सहयोग और आपसी विश्वास को मजबूत करना था।
भारत के अलावा ईरान, बांग्लादेश, बुर्किना फासो, कांगो और माली के सैनिक भी इस अभ्यास में शामिल हुए।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इस अभ्यास पर नजर बनाए रखी। अमेरिका रूस को यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है और बेलारूस के साथ बेहतर रिश्ते चाहता है।

