Last Updated:
Parliament Special Session LIVE: महिला आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयक गुरुवार यानी 16 अप्रैल 2026 को संसद में पेश किया जाएगा. इसको लेकर सरकार के साथ ही विपक्ष भी पूरी तरह से एकजुट है. संसद का विशेष सत्र 16 से …और पढ़ें
Parliament Special Session LIVE: नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए तैयार विधेयक पर संसद के विशेष सत्र में जोरदार बहस होने की संभावना है. (फाइल फोटो)
Parliament Special Session LIVE: संसद का विशेष सत्र आज यानी गुरुवार 16 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है. स्पेशल सेशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश किया जाएगा. इसके साथ ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है. इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में लामबंदी तेज हो गई है. लोकसभा में कुल मिलाकर तीन विधेयक पेश किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोकसभा को संबोधित कर सकते हैं. विपक्षी दल लाए जा रहे विधेयक का विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन इससे जुड़े परिसीमन का विरोध करते हैं. अब NDA यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के पास लोकसभा में संशोधन विधेयक के लिए आंकड़ा फिलहाल नहीं है. ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के लिए विपक्ष की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी तरफ, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए गुरुवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है.
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर बयानबाजी भी बढ़ गई है. भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कमिटमेंट के लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं, ताकि भारतीय महिलाओं को उनके अधिकार मिल सकें. यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी लेकिन पूरी नहीं हुई. कांग्रेस, जिसने कई सालों तक और हाल ही में 2004 से 2014 तक राज किया, उसने सिर्फ वादे किए. सोनिया गांधी और राहुल गांधी उन्हें पूरा करने में फेल रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वादे पूरे किए हैं. यह भारतीय जनता पार्टी का महिला सशक्तीकरण के लिए कमिटमेंट है. NDA के सभी घटक पूरी ताकत से एक साथ खड़े रहे हैं. पिछली बार यह बिना किसी विरोध के पास हो गया था, लेकिन इस बार कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां इसका राजनीतिकरण कर रही हैं. वे एक बार फिर महिलाओं को उनके अधिकार मिलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं.’
विपक्ष पर क्या आरोप
अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दल एक के बाद एक बहाने ढूंढ रहे हैं. सच तो यह है कि कांग्रेस और दूसरी पार्टियां महिला सशक्तीकरण के पक्ष में नहीं लगतीं, लेकिन कुछ भी हो महिलाओं को उनके अधिकार मिलने चाहिए. प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी ने महिलाओं के लिए न्याय पक्का किया है. कांग्रेस ने हमेशा देश को बांटने की कोशिश की है, कभी जाति, धर्म और कभी इलाके के आधार पर. भाजपा सांसद ने आगे कहा कि आज भी कांग्रेस के कुछ साथी यह तर्क देते हैं कि दक्षिणी राज्यों में सीटें कम हो जाएंगी. हम बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहते हैं कि किसी का हक, किसी की सीटें कम नहीं हो रही हैं, बल्कि सबके साथ इंसाफ हो रहा है.

