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AAJ Ka Mausam: उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज और बिगड़ने वाला है. मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान में 80 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी धूलभरी आंधी और अंधड़ चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है. इसका असर दिल्ली-एनसीआर और पंजाब पर भी पड़ेगा, जहां 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. वहीं, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है.
बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है. (PTI)
राजस्थान के आसमान में हमने धूल का एक बड़ा बवंडर उठते देखा. अब मौसम विभाग दावा कर रहा है कि रेगिस्तान की तपती रेत पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने वाली हैं. IMD का कहना है कि प्रकृति एक बार फिर रौद्र रूप लेने जा रही है. राजस्थान की छाती पर धूल का गुबार खड़ा हो सकता है. जिसकी जद से दिल्ली-एनसीआर और पंजाब की सरहदें भी खुद को महफूज नहीं रख पाएंगी. जब मैदानी इलाकों में 80 की स्पीड से तूफानी थपेड़े चलेंगे, ठीक उसी वक्त उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में आसमान से सफेद आफत यानी ओलों का तांडव शुरू होगा. उत्तर भारत में इस वक्त गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों में पहाड़ों की ओर रुख करने का ट्रेंड काफी ज्यादा है. ऐसे में घूमने फिरने के शौकीन लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है.
मौसम का महा-अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी कुछ दिन देश के कई राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील होने वाले हैं. प्रमुख राज्यों में स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी:
• राजस्थान (तूफानी बवंडर): राज्य के कई हिस्सों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी (Dust Storm) और थंडरस्कॉल चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है.
• दिल्ली-एनसीआर (राहत के साथ आफत): राजधानी में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. हालांकि इससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन बारिश और कड़कती बिजली का खतरा बना रहेगा.
• पंजाब और हरियाणा (अंधड़ और बौछारें): पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश का दौर शुरू होने वाला है.
• उत्तराखंड और हिमाचल (आसमानी आफत): इन पहाड़ी राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी मात्रा में ओले गिरने और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
• तटीय आंध्र प्रदेश (70 की रफ्तार): दक्षिण भारत के इस हिस्से में हवा की रफ्तार 70 किमी/घंटा तक जा सकती है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट है.
गहराता मौसम का संकट
इस बार का मौसम चक्र बेहद अप्रत्याशित नजर आ रहा है. एक तरफ जहां मानसून अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के रास्ते केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ ने मिलकर मैदानी इलाकों को बवंडर के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है.
इस मौसमी उथल-पुथल का सबसे बड़ा असर हमारी अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर पड़ने वाला है. 80 किमी/घंटे की हवाएं कमजोर मकानों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों को पलक झपकते ही मलबे में तब्दील कर सकती हैं. पहाड़ों में गिरने वाले ओले से सेब और अन्य नकदी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है, जिसके लिए IMD ने किसानों को विशेष चेतावनी जारी की है. इसके साथ ही महाराष्ट्र के चंद्रपुर में पारा जहां 44.8°C तक जा पहुंचा है, वहीं देहरादून में यह न्यूनतम 17°C दर्ज हुआ है जो देश के भीतर मौसम के इस भारी विरोधाभास को साफ दर्शाता है.
राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने विशेष रूप से क्या चेतावनी जारी की है?
मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के कई हिस्सों के लिए धूलभरी आंधी (Dust Storm) का अलर्ट जारी किया है, जिसमें हवाओं की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. निवासियों को इस दौरान घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है.
क्या इस तूफानी मौसम से दिल्ली-एनसीआर को गर्मी से कोई राहत मिलेगी?
हां, दिल्ली में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और गरज-चमक के साथ होने वाली छिटपुट बारिश से भीषण गर्मी और उमस से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन इस दौरान तेज हवाओं के कारण सतर्क रहने की जरूरत है.
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए क्या खतरा है?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) और थंडरस्टॉर्म की चेतावनी है. ऐसे में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पर्यटकों को यात्रा टालने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को इस आपात स्थिति से निपटने के लिए क्या गाइडलाइंस दी हैं?
IMD ने नागरिकों को आंधी-तूफान के समय घरों के भीतर रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है. साथ ही, किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने, ओलावृष्टि से बचाने और पशुधन को सुरक्षित छायादार स्थानों पर पर्याप्त पानी के साथ बांधने का आग्रह किया है.
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डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें

