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बोकारो में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच ताड़ का फल यानी तारकुल लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. सेक्टर-12 मोड़ पर इसकी खूब बिक्री हो रही है. पानी से भरपूर यह फल शरीर को ठंडक पहुंचाने और हाइड्रेट रखने में मदद करता है. चंदनक्यारी से फल लाकर बेचने वाले विक्रेता मदन बताते हैं कि 20 रुपये प्रति पीस बिकने वाले इस फल से उन्हें रोजाना 1500 से 2000 रुपये तक की कमाई हो जाती है. यह मौसमी फल कई ग्रामीण परिवारों की आजीविका का भी सहारा है.
बोकारो : जून की तपती गर्मी, और चिलचिलाती धूप के बीच बोकारो के लोग सिर्फ कोल्ड ड्रिंक हि नहीं बल्कि इन दिनों एक खास फल को खूब आनंद ले रहे हैं. बता दें इन दिनों बोकारो के सेक्टर-12 मोड़ में ताड़ का फल जिसे तारकुल भी कहा जाता है उसकी खूब बिक्री हो रही है. यह रसदार फल सिर्फ ठंडक ही नहीं बल्कि कई ग्रामीण परिवारों के आजीविका का सहारा भी बना हुआ है.
खाते ही शरीर में तुरंत ठंडक का एहसास
ताड़ का फल काफी हद तक देखने में नारियल जैसा लगता है, लेकिन इसके अंदर मौजूद पानी से भरे छोटे-छोटे गोले इसकी अलग पहचान रखते हैं. इसे खाते ही शरीर में तुरंत ठंडक का एहसास होता है यही वजह है कि भीषण गर्मी के मौसम में इसकी काफी डिमांड बढ़ जाती है
वहीं तारकुल विक्रेता मदन बताते हैं कि हर साल गर्मियों के मौसम में वह चंदनक्यारी से बोकारो आकर यह फल बेचते हैं और उनके अनुसार, यह सिर्फ एक फल नहीं बल्कि उनके परिवार के आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है.
2000 रुपये तक की बिक्री
आगे मदन बताते हैं कि ताड़ का पेड़ अक्सर घने जंगलों में होते हैं. फल निकालने के दौरान कांटों, बिच्छुओं और जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है और वह सुबह-सुबह फल लेकर शहर पहुंचते हैं, करीब 8 बजे दुकान लगाते हैं और दिनभर बिक्री के बाद शाम को वापस गांव लौट जाते हैं, वहीं तारकुल का फल 20 रुपये प्रति पीस की दर से बेचते हैं.
और रोजाना उनके यहां लगभग 1500 से 2000 रुपये तक की बिक्री हो जाती है, जिससे परिवार की अच्छी मदद हो जाती हैं और यह फल सिर्फ गर्मी के सीजन तक की सीमित है इसलिए गर्मी के बाद बरसात के दौरान वह खेती-किसानी का काम करते हैं.
वहीं तारकुल खरीद रही ग्राहक यशोदा ने बताया कि यह फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी लाभकारी है. उनका कहना है कि गर्मियों में शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या आम हो जाती है ऐसे में तारकुल शरीर को हाइड्रेट रखने और प्राकृतिक रूप से ठंडक पहुंचाने में मदद करता है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें

