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कटरा-श्रीनगर हाईवे सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है. इसके जरिए सुरक्षा बलों और आवश्यक आपूर्ति की आवाजाही तेज होगी, जिससे जम्मू-कश्मीर में लॉजिस्टिक और रक्षा क्षमताओं को मजबूती मिलेगी.
कटरा-श्रीनगर 4 लेन हाईवे जम्मू-कश्मीर की कनेक्टिविटी को नई पहचान देने जा रहा है. यह परियोजना यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. हाईवे बनने के बाद कटरा से श्रीनगर के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी. इससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. (एआई)

यह नया कॉरिडोर कटरा से शुरू होकर रियासी, माहौर, गुलाबगढ़ और नंदीमर्ग से होते हुए दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले तक जाएगा, जहां यह नेशनल हाईवे-44 (NH-44) से जुड़ेगा. इसका मकसद वर्तमान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर दबाव कम करना और घाटी के लिए हर मौसम में सुगम (All-weather) और सुरक्षित सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है. (एआई)

कटरा-श्रीनगर हाई-स्पीड कॉरिडोर से दूरस्थ क्षेत्रों का विकास होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच अधिक आसान हो जाएगी. यह परियोजना आधुनिक सुरंगों, पुलों और अत्याधुनिक सड़क ढांचे से लैस होगी. कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में भी सालभर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. (एआई)
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4 लेन हाईवे से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया प्रोत्साहन मिलेगा. कृषि, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों की आवाजाही भी पहले से अधिक आसान हो जाएगी. कटरा-श्रीनगर हाईवे को जम्मू-कश्मीर के विकास की रीढ़ माना जा रहा है. यह परियोजना क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से और मजबूत तरीके से जोड़ने का काम करेगी. (एआई)

कटरा-श्रीनगर 4 लेन हाईवे में कई अत्याधुनिक सुरंगें और इंजीनियरिंग चमत्कार शामिल हैं. इससे भूस्खलन, बर्फबारी और खराब मौसम के दौरान भी यातायात बाधित होने की संभावना काफी कम होगी. (एआई)

