जोधपुर जिले के भोपालगढ़ में सड़क निर्माण के आदेश की अनदेखी प्रशासनिक अधिकारियों को भारी पड़ सकती है। भोपालगढ़ सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एक सख्त आदेश जारी करते हुए जोधपुर जिला कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और नगर पालिका ईओ को चेतावनी दी है
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सिविल न्यायाधीश ने स्थायी लोक अदालत के पंचाट (लोक अदालत या ट्रिब्यूनल द्वारा दिया गया फैसला) की पालना नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए यह नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लोक अदालत के फैसले की पालना नहीं होने पर पीड़ित ने लगाई थी
स्थायी लोक अदालत से मिली थी जीत
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मोहन जाखड़ ने बताया कि भोपालगढ़ निवासी रामकिशोर और अन्य ने एक सार्वजनिक रास्ते को लेकर स्थायी लोक अदालत में परिवाद पेश किया था। लोक अदालत ने सुनवाई के बाद 27 सितंबर 2023 को वहां सड़क निर्माण का आदेश दिया था।
अधिवक्ता जाखड़ ने बताया कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी अधिकारियों ने उस आदेश की पालना नहीं की। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जोधपुर जिला के समक्ष अवमानना याचिका पेश की और स्थायी लोक अदालत की डिक्री (फैसले) की पालना करवाने की मांग की।
24 दिसंबर तक का दिया अल्टीमेटम
जिला न्यायाधीश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल न्यायाधीश भोपालगढ़ को डिक्री की पालना (Execution) सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में अब सिविल न्यायाधीश ने चारों जिम्मेदार अधिकारियों – ईओ नगर पालिका भोपालगढ़, तहसीलदार भोपालगढ़, एसडीएम भोपालगढ़ और जिला कलेक्टर जोधपुर को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आगामी 24 दिसंबर तक आदेश की पालना कर रिपोर्ट पेश करें। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो अप्रार्थीगणों (अधिकारियों) की संपत्ति कुर्क करने और गिरफ्तारी वारंट जारी कर डिक्री की पालना सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने कहा- पालना सुनिश्चित करेंगे
इस संबंध में कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से जो कदम उठाए जाने थे, वो पूरे किए जा चुके हैं। अब वहां पर सड़क बनाने का काम है, जो सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना है। कोर्ट के आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है।

