मिसेज राजस्थान 2026 में इस साल दो महिलाओं के सिर पर विजेता का ताज सजा। सिल्वर कैटेगरी (20 से 36 उम्र) में उमा मीना और गोल्ड कैटेगरी (37 से 51 उम्र) में श्वेता कंसाना मिसेज राजस्थान 2026 बनीं। टाइटल जीतने के बाद दोनों मॉडल्स दैनिक भास्कर ऑफिस पहुंचीं। अपने अनुभव साझा किए। उमा मीना ने बताया कि वो एक सरकारी कर्मचारी हैं। यहां तक पहुंचने में मुझे मेरे ऑफिस के चेयरमैन और पूरे स्टाफ का सहयोग मिला। जब मैं जीतकर घर पहुंची तो जैसे शादी के बाद दुल्हन बनकर घर (ससुराल) आई थी, वैसे ही दोबारा स्वागत किया गया। वहीं, श्वेता कंसाना ने बताया- वे एक डेंटिस्ट हैं। फैशन इंडस्ट्री को लेकर, शुरुआत में मेरे परिवार में भी अलग सोच थी। लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने मुझे मंच पर देखा, उनका नजरिया बदल गया। आगे पढ़िए दोनों मॉडल्स से खास बातचीत… सवाल: जीत के बाद कैसा महसूस हो रहा है? उमा मीना: मैं मिसेज राजस्थान 2026 की सिल्वर कैटेगरी विनर हूं। यह मेरा पैशन था। मैंने पहले भी मिस राजस्थान के ऑडिशन दिए थे, लेकिन तब सफलता नहीं मिली। तब मेरी पैर में चोट आ गई थी। अब मिसेज राजस्थान जीतकर बहुत खुशी हो रही हूं। मैं चाहती हूं कि महिलाएं अपने सपनों को कभी न छोड़ें और अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करती रहें। श्वेता कंसाना: मैं मिसेज राजस्थान 2026 की गोल्ड कैटेगरी विनर हूं। पेशे से डेंटिस्ट हूं, लेकिन दिल से हमेशा मॉडलिंग की तरफ झुकाव रहा है। इस मंच ने मुझे आत्मविश्वास दिया कि मैं खुद को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकती हूं। सवाल: उमा, आप सरकारी कर्मचारी भी हैं। मॉडलिंग को कैसे चुना और शादी के बाद ही क्यों? उमा मीना: शादी से पहले भी मैंने मिस राजस्थान के ऑडिशन दिए थे, लेकिन चयन नहीं हो पाया। मुझे सरकारी क्षेत्र भी हमेशा आकर्षित करता था। मैंने सिविल सर्विस की तैयारी भी की, लेकिन वहां पूरी सफलता नहीं मिली। इसी दौरान नौकरी लग गई। मुझे मेरे ऑफिस के चेयरमैन और पूरे स्टाफ का सहयोग मिला। शादी के बाद ऐसा परिवार मिला, जिसने मुझे हमेशा सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि अपने सपनों को पूरा करो, हम तुम्हारे साथ हैं। तभी मैंने फैसला लिया कि अब अपने पैशन के लिए पूरा प्रयास करूंगी। मैं जयपुर कंज्यूमर कोर्ट में जज की पीए के रूप में कार्यरत हूं। दोनों चीजों को साथ संभालना आसान नहीं था, लेकिन प्लानिंग के साथ काम किया। मैंने पहले ऑफिस की जिम्मेदारियां पूरी कीं। मेरे सीनियर अधिकारी ने भी कहा था कि अपना काम पूरा करो और फिर अपने सपनों के लिए पूरी मेहनत करो। उनका सहयोग मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: श्वेता, आप डेंटिस्ट हैं। अब मॉडलिंग में भी पहचान बनाई है। दोनों प्रोफेशन को कैसे देखती हैं? श्वेता कंसाना: दोनों प्रोफेशन मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं। डेंटिस्ट मेरा मुख्य पेशा है, लेकिन मॉडलिंग भी मेरे लिए उतनी ही खास है। यह मेरा सपना था और उसे पूरा करने के लिए मेहनत भी की। 40 साल की उम्र में खुद को बनाए रखना आसान नहीं होता। खासकर जब आप मां भी हों। लेकिन मेरा मानना है कि जिंदगी में आगे बढ़ते रहना चाहिए। जो सपना देखें, उसे पूरा करने के लिए पूरी मेहनत लगानी चाहिए। सवाल: उमा, जीतने के बाद परिवार का क्या रिएक्शन था? उमा मीना: मेरा पूरा परिवार बहुत खुश था। जिस दिन मैंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, उसी दिन से सभी उत्साहित थे। सबका कहना था कि जीतो या हारो, लेकिन इस सफर को पूरी तरह जीकर आओ। मेरी सास, जेठानी, पीहर पक्ष और पूरा परिवार वहां मौजूद था। जब मेरा नाम विजेता के रूप में घोषित हुआ, उस समय परिवार के चेहरे की खुशी देखकर मैं भावुक हो गई। वह पल जिंदगीभर याद रहेगा। जब घर पहुंची तो मेरा स्वागत बहुत शानदार तरीके से हुआ। जैसे शादी के बाद दुल्हन बनकर घर आई थी, वैसे ही दोबारा स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़े, शहनाई, फूल-मालाएं और पूरा घर खुशियों से भरा हुआ था। मेरे रिश्तेदार और पीहर वाले भी आए थे। वह पल मेरे लिए बहुत खास था। सवाल: श्वेता, अक्सर फैशन इंडस्ट्री को लेकर परिवार में अलग सोच होती है। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ? श्वेता कंसाना: हां फैशन इंडस्ट्री को लेकर, शुरुआत में मेरे परिवार में भी अलग सोच थी। लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने मुझे मंच पर देखा, उनका नजरिया बदल गया। उन्हें लगा कि यह एक अच्छा और सुरक्षित मंच है। मिसेज राजस्थान बहुत प्रतिष्ठित मंच है। परिवार ने देखा कि यहां हमें बहुत सम्मान और सुरक्षा मिलती है। अब परिवार को हम पर गर्व महसूस होता है। मेरे ससुर साहब फाइनल में मौजूद थे, जीत के बाद उन्होंने अपने हर परिचित को इस जीत से अवगत करवाया। उनकी खुशी ने मेरी जीत को और खास बना दिया। सवाल: आपके छोटे बेटे का क्या रिएक्शन था? श्वेता कंसाना: मेरा बेटा बहुत उत्साहित था। वह दो दिन पहले से ही कह रहा था कि ‘मेरी मम्मी मिसेज राजस्थान 2026 बनेंगी।’ उसकी बात सच हो गई। उसकी खुशी मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।
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