सलूम्बर के लिए नामांकित पुरुष और महिला नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की संपर्क परेड, दस्तावेज सत्यापन और दक्षता परीक्षण मंगलवार को जयसमंद झील की पाल पर किया गया। ये आयोजन निदेशालय नागरिक सुरक्षा, राजस्थान, जयपुर और नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, उदयपुर के निर्देश पर हुआ। इसमें आपदा प्रतिक्रिया पर एक संक्षिप्त जानकारी भी दी गई। स्वयंसेवकों की उपस्थिति और पहचान की जांच की
कार्यक्रम की अध्यक्षता सलूम्बर के एडीएम और उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा डॉ. दिनेश राय सापेला ने की। इसमें स्वयंसेवकों की उपस्थिति और पहचान की जांच की गई। उनके संपर्क विवरण, आवेदन में बताई गई योग्यताएं और जरूरी दस्तावेजों का भी परीक्षण किया गया। स्वयंसेवकों ने ड्राइविंग लाइसेंस और आरएससीआईटी प्रमाण-पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज दिखाए, जिनका सत्यापन किया गया। इस दौरान आपदा और आपातकालीन स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के लिए उनकी दक्षता, तैयारी और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का भी परीक्षण हुआ। नागरिक सुरक्षा से जुड़े कर्तव्य बताए
डॉ. दिनेश राय सापेला ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे आपदा और आपातकालीन स्थितियों में प्रशासन और आम जनता के बीच अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को नागरिक सुरक्षा से जुड़े कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में बताया। साथ ही, हर स्थिति में सेवा और सहायता के लिए तैयार रहने को कहा। संक्षिप्त जानकारी के दौरान स्वयंसेवकों को बाढ़, ज्यादा बारिश, भूकंप, आकाशीय बिजली और आगजनी जैसी अलग-अलग आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए जरूरी ट्रेनिंग और दिशा-निर्देश दिए गए। उन्हें यह भी बताया गया कि आपदा के समय कैसे तुरंत और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दें। प्रशासन के साथ तालमेल कैसे बिठाएं और प्रभावित लोगों तक राहत व सहायता कैसे पहुंचाएं, इसकी भी जानकारी दी गई।
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