टैक्स कंसलटेंट अनिल कुमार साहू।
सिंगरौली में जीएसटी विभाग की छापेमारी में एक कर घोटाले का खुलासा हुआ है। टैक्स कंसलटेंट अनिल कुमार साहू ने फर्जी फर्मों के माध्यम से 300 करोड़ रुपए का कारोबार किया है।
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जीएसटी विभाग ने 2 सितंबर को जिले में छापेमारी की। जांच में सामने आया कि अनिल कुमार ने कई राज्यों में फर्जी फर्में बनाई थीं। ये फर्में कानपुर, इंदौर, नरसिंहपुर, ग्वालियर और सागर में स्थित हैं। इनमें श्री कृष्णा इंटरप्राइजेज, आरएस एंटरप्राइजेज, चंदन इंटरप्राइजेज और साईंनाथ इंटरप्राइजेज प्रमुख हैं।
टैक्स कंसलटेंट अनिल कुमार साहू की फर्म।
4 करोड़ से ज्यादा की पेनल्टी
चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज द्विवेदी ने बताया है कि आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड से फर्म बनाईं। इन फर्मों से 18 प्रतिशत जीएसटी वाले प्रोडक्ट्स के फर्जी बिल तैयार किए गए। न तो कोई वास्तविक खरीद हुई और न ही बिक्री।
केवल फर्जी बिल बनाकर जीएसटी रिफंड का दावा किया गया। जीएसटी विभाग की जांच जारी है। विभाग ने अब तक इस मामले में 4 करोड़ 45 लाख रुपए की पेनल्टी वसूल की है।

छापे के दौरान मौजूद रही पुलिस।
सरकार को नुकसान
इसका सीधा फायदा टैक्स कंसलटेंट को और ऐसे फर्जी बिल लेने वाली फार्मों को होता है और सीधा नुकसान सरकार को। सीधी भाषा में अगर समझ तो सरकार को किसी भी तरह से कोई टैक्स दिया नहीं गया। बावजूद उसके उसका रिफंड फाइल करके सरकार के खजाने से पैसा ले लिया गया। इसमें सब का कमीशन फिक्स होता है।
सिंगरौली जिले में हुई इस कार्रवाई में 300 करोड़ रुपए का कारोबार सामने आया है। अभी इसमें जांच जारी है और अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह कारोबार अभी और बृहद रूप से सामने आएगा
पत्नी के नाम फर्जी फॉर्म बनाई
अनिल कुमार शाह को करीब से जानने वाले एक उनके पारिवारिक रिश्तेदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अनिल कुमार शाह ने अपनी पत्नी के नाम पर कुछ फर्जी फॉर्म बना रखी थी और उन्हीं के जरिए उन्होंने करोड़ों रुपए का कारोबार दिखाया है। इसी वजह से अनिल कुमार जल्दी पैसा कमाने की चाह में इस कारोबार में शामिल हो गए।

