नॉर्मल डिलेवरी के बाद नवजात बच्ची को उसके पिता को सौंपते एंबुलेंस स्टाफ।
टोंक में रविवार की शाम प्रसूता ने 108 एम्बुलेंस में ही बच्ची को जन्म दिया है। उसे निवाई से टोंक के जनाना हॉस्पिटल रेफर किया गया था, इस बीच रास्ते में ही प्रसूता के डिलीवरी हुई। फिलहाल मां और नवजात को जिला हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है।
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दरअसल, प्रसूता पहले निवाई के सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए पहुंची थी, जहां डॉक्टर ने महिला के पति से पूछा कि कौनसी डिलीवरी है। पति ने कहा कि दूसरी डिलीवरी है, पहली 6 साल पहले सिजेरियन हुई थी। यह सुनकर डॉक्टर घबरा गया और प्रसूता को तुरंत जिला हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया।
सिजेरियन डिलीवरी सुनते ही घबराया डॉक्टर 108 एम्बुलेंस के पायलट मोहम्मद जमील ने बताया- रविवार दोपहर चोरपुरा निवासी कृष्णा कुमारी (26) पत्नी दिनेश बैरवा को आज प्रसव पीड़ा हो रही थी। उसका पति उसे निवाई हॉस्पिटल में डॉक्टर को दिखाने आया था।
डॉक्टर ने चेकअप करने के दौरान पति से पूछा कि यह कौनसे नंबर की डिलीवरी है, तो पति बोला कि यह दूसरे नंबर की डिलीवरी है। इससे पहले 6 साल पहले ऑपरेशन से बच्ची हुई थी।
यह सुनकर डॉक्टर घबरा गया और बिना जोखिम लिए तुरंत प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती को टोंक रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने टोंक जाने के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा के लिए कॉल किया।
एम्बुलेंस स्टाफ ने करवाई डिलीवरी, मां और नवजात सुरक्षित दोपहर करीब 3.28 बजे 108 एम्बुलेंस के जिला अधिकारी राजकुमार सिंह चौहान से सूचना मिली कि एक गर्भवती को जनाना अस्पताल ले जाना है। उस समय 108 एम्बुलेंस (RJ 14 PF 7056) अपनी लोकेशन गुंसी पुलिस चौकी पर थी।
सूचना मिलते ही एम्बुलेंस निवाई रवाना हुई, वहां से शाम करीब 4.05 बजे प्रसव पीड़ा से परेशान प्रसूता कृष्णा कुमारी को लेकर टोंक के लिए रवाना हुए। करीब आधा रास्ता पार करने के बाद करीब 17 किमी दूर कृष्णा कुमारी के तेज दर्द हुआ।
इस पर पायलट जमील और एम्बुलेंस दीवान सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए शाम करीब 4.20 बजे गाड़ी को रोड किनारे रोक दिया। फिर दोनों ने पांच मिनट में नॉर्मल डिलीवरी करा दी। बाद में शाम करीब 5 बजे एम्बुलेंस से मां और उसके नवजात को टोंक जनाना हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। फिलहाल बच्ची और मां दोनों सुरक्षित है। प्रसूता के पति किसान परिवार से है।

