Friday, April 10, 2026
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सिद्धारमैया-DK की जंग में नया ट्विस्ट, तीसरी एंट्री से गरमाई कुर्सी की सियासत


Agency:एजेंसियां

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Karnataka Politics: कर्नाटक कांग्रेस की कुर्सी की जंग में अब नया मोड़ आया है. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की टक्कर के बीच गृहमंत्री जी. परमेश्वर की एंट्री से सियासत और दिलचस्प हो गई है.

सिद्धारमैया-DK की जंग में नया ट्विस्ट, तीसरी एंट्री से गरमाई कुर्सी की सियासतसिद्धारमैया और शिवकुमार की खींचतान के बीच तीसरे चेहरे की एंट्री हो गई. (फाइल फोटो PTI)
Karnataka Politics: कर्नाटक की सत्ता की कुर्सी पर कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान अब और दिलचस्प हो गई है. अब तक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की जुगलबंदी और उनकी आपसी टकराहट की चर्चा थी. लेकिन अब अचानक एक तीसरे चेहरे की एंट्री ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं. इस एंट्री ने कर्नाटक की राजनीति को और भी रोमांचक बना दिया है.

दरअसल राज्य के गृहमंत्री जी. परमेश्वर के सम्मान में मैसुरु में एक विशाल आयोजन हुआ. इस आयोजन का नाम रखा गया ‘परमोत्सव’. इस कार्यक्रम ने न केवल उनके समर्थकों की ताकत दिखा दी बल्कि सत्ता संघर्ष के बीच एक नया संकेत भी दे दिया.

जब जी. परमेश्वर से इस आयोजन पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा “यह मेरे कार्यकर्ताओं और समर्थकों की इच्छा थी. उन्होंने मुझे सम्मान देने के लिए कार्यक्रम रखा और मैं वहां उनकी भावनाओं का मान रखने गया. राजनीति में जनता की मर्जी ही सबसे अहम है.”

पहली बार इतने बड़े स्तर पर जन्मदिन
यह आयोजन दरअसल जी. परमेश्वर के 74वें जन्मदिन पर किया गया था. खास बात यह रही कि उनके जन्मदिन को इससे पहले कभी इस तरह भव्य तरीके से नहीं मनाया गया. इसी वजह से इसे केवल सम्मान का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनकी ताकत दिखाने का मंच भी माना जा रहा है.

दलित समाज से आते हैं परमेश्वर
जी. परमेश्वर दलित बिरादरी से आते हैं. यही वजह है कि कांग्रेस के भीतर कई बार उनका नाम सीएम पद की रेस में गूंज चुका है. पिछली बार जब कांग्रेस ने सत्ता पाई थी तब भी उनकी दावेदारी पर चर्चा हुई थी. पार्टी के लिए यह संदेश देने का मौका भी है कि दलित समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए वह बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी.

अब जबकि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच खींचतान जगजाहिर है, तो राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या तीसरे खिलाड़ी के रूप में परमेश्वर आगे बढ़ सकते हैं?

आंबेडकर के नाम पर संघर्ष का संदेश
कार्यक्रम में जी. परमेश्वर ने कहा, “आने वाले दिनों में हमें लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा. अगर हम पीछे हटे तो यह सिर्फ हमारा ही नहीं बल्कि बाबासाहेब आंबेडकर का भी अपमान होगा. हमें गरीबों और दलितों को उनका अधिकार दिलाना होगा.”

उनके इस बयान ने भीड़ को और उत्साहित कर दिया और नारेबाजी तेज हो गई. इससे साफ संकेत मिला कि परमेश्वर सिर्फ सम्मानित मंत्री नहीं, बल्कि सत्ता संघर्ष में अपनी जगह बनाने के लिए भी तैयार दिख रहे हैं.

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Sumit Kumar

Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, …और पढ़ें

Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, … और पढ़ें

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