सूरत के SBI बैंक में 50 लाख रुपए की लूट के आरोपी ने सूरत क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को हाफ एनकाउंटर कर दिया। आरोपी ने पुलिस पर बंदूक तान दी थी। आत्मरक्षा में एसीपी किरण मोदी ने जवाबी फायरिंग कर उसके पैर में गोली मार दी। यह घटना सूरत के ग्रामीण इलाके फुर्सद गांव के पास हुई। आरोपी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया है। लूट के मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम और विकास फिलहाल सात दिन की पुलिस हिरासत में हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी शुभम ने कबूल किया कि उसने लूट में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और मोबाइल गांव के पास एक खेत में छिपा दिया था। पुलिस टीम उसे घटनास्थल पर ले गई ताकि वह जगह की पहचान कर सके। शुक्रवार को क्राइम ब्रांच की टीम जांच के तहत सूरत जिले के कन्यासी गांव पहुंची थी। जब पुलिस नाले के पास से पिस्तौल और मोबाइल सर्च कर रही थी, तभी आरोपी शुभम ने मौका देखकर पुलिसकर्मियों से पिस्तौल छीन ली और टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसी बाच एसीपी किरण मोदी ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। कुंदन जेल से ही ऑपरेट कर रहा था गैंग गौरतलब है कि 27 अप्रैल, 2026 को सूरत के वराछा स्थित एसबीआई बैंक में हुई 50 लाख रुपये की लूट का संबंध बिहार की जेल से है। इस लूट का मास्टरमाइंड कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत फिलहाल बिहार के आदर्श केंद्रीय जेल, बेउर (पटना) में बंद है। जेल में रहते हुए उसने गिरोह के सदस्यों से सूरत के बैंक को निशाना बनवाया था। कुंदन भगत इससे पहले देहरादून में हुई 12 करोड़ रुपए की रिलायंस ज्वैलरी डकैती में शामिल था। क्राइम ब्रांच ने कुख्यात कुंदन भगत गिरोह के दो साथियों, शुभम और विकास को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। इस तरह आरोपियों तक पहुंची क्राइम ब्रांच बैंक में डकैती के एक दिन पुलिस को एक खेत से वारदात में उपयोग की गई बाइक जब्त की थी। इसके बाद सीसीटीवी की मदद से जांच टीम को यह भी पता चला था कि वारदात में शामिल सातों आरोपी करीब एक महीने तक उधना के औद्योगिक क्षेत्र में एक छोटे से कमरे में किराए से रहे थे। किराए का कमरा लेने के लिए आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड मकान मालिक को दिया था। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी की मोबाइल लोकेशन निकाली। सूरत क्राइम ब्रांच की टीम सबसे पहले मोबाइल नंबर को ट्रेस करके रायबरेली पहुंची। वहां पर आरोपी विकास सिंह के जूता-चप्पल की दुकान पर पहुंचकर खरीदारी भी की। फिर उसका पीछा करते हुए गोंडा पहुंचे। टीम ने रविवार को विकास सिंह को गोंडा से तो उसके दोस्त शुभम कुमार को अयोध्या से गिरफ्तार किया। आरोपी विकास सिंह ने अपने मोबाइल फोन में कोई सॉफ्टवेयर रखा हुआ था। जो हमेशा वर्तमान लोकेशन ना दिखा कर बाहर की लोकेशन दिखाता था। साथ ही वह नॉर्मल कॉल पर बात न करके हमेशा ऑनलाइन कॉल पर ही लोगों से बात करता था। मुख्य आरोपियों में से एक शुभम जब लूट के बाद रायबरेली पहुंचा, तो विकास ने ही उसे अयोध्या में एक महंत के घर में छिपाने का इंतजाम किया था। नकली आधार कार्ड पर लिया था कमरा पुलिस जांच में पता चला कि लुटेरे डकैती से करीब एक महीने पहले सूरत पहुंचे थे। उन्होंने रांदेर क्षेत्र में बॉटनिकल गार्डन के पास उगाट गांव के भरवाड़ वास में कमरा किराए पर लिया था। इसके लिए नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया। मकान मालिक को आधार कार्ड दिखाकर एडवांस किराया दिया गया। लेकिन लूट से 10 दिन पहले, यानी 17 अप्रैल को ही आरोपी कमरा खाली कर चुके थे। बाद में जांच में सामने आया कि दिया गया आधार कार्ड पूरी तरह फर्जी था। जांच के दौरान तीन संदिग्ध मोबाइल नंबर भी मिले। इनकी लोकेशन लुटेरों की गतिविधियों से मेल खाती है। —————– गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुजरात में ISIS की विचारधारा फैलाने वाला शख्स गिरफ्तार:चार सालों से इस्लामी युद्ध, खिलाफत और जिहाद से जुड़ी पोस्ट शेयर कर रहा था गुजरात के कच्छ जिले में सोशल मीडिया के जरिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल एक शख्स को अरेस्ट किया गया है। आरोपी कच्छ जिले के लोदाई गांव का रहने वाला है। आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा से जुड़े कंटेंट का प्रचार-प्रसार करता था। पूरी खबर पढ़ें…
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