Last Updated:
AAP Worker detained in surat: सूरत हवाला केस में आप कार्यकर्ता आकाश मिश्रा और अजय तिवारी से पूछताछ हो रही है. उन दोनों पर 1.25 करोड़ की नकदी ट्रांसफर का आरोप है, आयकर विभाग मामले की जांच कर रही है. हालांकि आप ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है.
सूरत पुलिस ने आप के दो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है.
AAP Worker detained in surat: सूरत में कथित हवाला नेटवर्क को लेकर जांच तेज होने के साथ ही आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. सूरत क्राइम ब्रांच ने इस मामले में पार्टी से जुड़े दो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, जबकि जांच के दायरे में अन्य नेताओं के नाम आने की भी आशंका जताई जा रही है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस कथित हवाला रैकेट के जरिए दिल्ली से सूरत तक बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाई गई. शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब 1.25 करोड़ रुपये की रकम हवाला चैनलों के माध्यम से ट्रांसफर की गई. इस मामले में आकाश मिश्रा और अजय तिवारी को स्थानीय स्तर पर पैसे प्राप्त करने और वितरण करने वाला बताया जा रहा है.
सूरत पुलिस की डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) और उमरा पुलिस की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि दिल्ली के जनकपुरी निवासी कारोबारी हिमांशु पाहुजा इस नेटवर्क में कथित रूप से मुख्य फंड भेजने वाले व्यक्ति हो सकते हैं. पुलिस का कहना है कि मिश्रा और तिवारी ने शहर के महिधरपुरा इलाके की एक अंगड़िया फर्म से कई बार नकदी प्राप्त की. हर बार उन्हें 15 से 20 लाख रुपये तक की रकम दी गई थी. जांच एजेंसियों का दावा है कि यह पैसा स्थानीय चुनावों को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किया जाना था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस रकम का एक हिस्सा सोशल मीडिया ऑपरेटर्स और यूट्यूबर्स को दिया जाना था, ताकि वे सरकार विरोधी माहौल तैयार कर सकें और समुदायों के बीच विभाजन पैदा कर सकें.
सत्येंद्र जैन के साथ काम कर चुके हैं आकाश मिश्रा
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आकाश मिश्रा पहले दिल्ली के वरिष्ठ AAP नेता सत्येंद्र जैन के साथ काम कर चुका है और वह दिल्ली, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की यात्रा कर चुका है. इस दौरान वह पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में रहा. मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग भी जांच में शामिल हो गया है. विभाग हवाला के जरिए आए पैसों के स्रोत और उनके इस्तेमाल की पूरी पड़ताल कर रहा है.
हालांकि, AAP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि चुनाव में हार के डर से विरोधी दल इस तरह के आरोप लगा रहे हैं. पुलिस ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर मिश्रा और तिवारी को अंगड़िया फर्म में नकदी लेते हुए देखा जा सकता है. हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं.
About the Author

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

