बुधवार को मेरठ के सेंट्रल मार्केट में हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर पांच महीने से धरने पर बैठी महिलाओं ने भी आपत्ति जताई। कार्रवाई के दौरान महिलाएं काफी नाराज दिखाई दीं। महिलाओं का कहना था कि प्रशासन की कार्रवाई के बीच उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे से कार्रवाई शुरू हो गई थी। इसके बाद सुबह 6:30 बजे से इलाके में न लाइट है और न पानी की व्यवस्था है। महिलाओं ने कहा कि उनके मकान तोड़ दिए गए और उनका पूरा कारोबार खत्म हो गया। उन्होंने कहा, “मकान तोड़ दिय हमारे, हमारा बिजनेस सारा खत्म कर दिया। हम लोगों के पास पानी भी नहीं है, भूखे-प्यासे मर रहे हैं बच्चे हमारे।” महिलाओं ने कहा कि वे पिछले पांच महीने से धरने पर बैठी थीं। इतने लंबे समय से धरना देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि आवास विकास की ओर से लगातार मीटिंग के लिए बुलाया जाता रहा। महिलाओं ने कहा कि रोज कहा जाता था कि मीटिंग है, इसमें यह होगा और वह होगा, लेकिन जमीन पर कोई समाधान नहीं निकला। महिलाओं ने कहा, “हम लोग पांच महीने से धरने पर बैठे थे। कुछ भी नहीं हुआ। आवास विकास रोज बुला रहा है कि मीटिंग है। इनकी मीटिंग ही नहीं हो रही। रोज मीटिंग है, ये हो रहा है, वो हो रहा है।” महिलाओं का कहना था कि एक तरफ लंबे समय से उनकी समस्याओं को लेकर बातचीत चलती रही और दूसरी तरफ बुधवार को अचानक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। कार्रवाई के दौरान महिलाओं ने पानी और बिजली की व्यवस्था नहीं होने को लेकर भी नाराजगी जताई। महिलाओं ने कहा कि कार्रवाई से उनके परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना था कि बच्चों के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं है।
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सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण पर धरने पर बैठी महिलाओं का विरोध: बोलीं- सुबह 6:30 बजे से न पानी है न लाइट, मकान तोड़ दिए, बिजनेस खत्म कर दिया – Meerut News
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