मेरठ की सेंट्रल मार्केट मैं सेटबैक की कार्रवाई को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन 15वे दिन भी जारी रहा। बीते दिन जहां एक विशेष प्रतिनिधि मंडल लखनऊ से मेरठ व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के लिए पहुंचा था, जिसमें व्यापारियों को आश्वस्त किया गया था क्या उनके पक्ष मजबूती से सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा। इसके बाद भी सेक्टर 2 की महिलाओं का प्रदर्शन जारी रहा। उनका कहना है कि अधिकारी हमारे बीच आए हैं इसका यह मतलब है कि सरकार ने तो संज्ञान लिया है लेकिन जब तक हमें इसका कोई लिखित में ठोस प्रमाण नहीं मिलने की हमें न्याय मिल गया है या न्याय मिलने वाला है तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। आदेश का पालन करने की दी थी सलाह वार्ता के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास विकास के चेयरमैन और प्रमुख सचिव ने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा था कि निर्णय सुप्रीम कोर्ट का है इसलिए उसका पालन आवश्यक रूप से करना होगा। हालांकि आपका पूरा पक्ष भी सुप्रीम कोर्ट में रखा जाएगा। इसके बाद भी प्रदर्शन जारी है वहीं अब देखना यह होगा की आवास विकास जब सेटबैक के लिए नोटिस देगा तो इस पर प्रदर्शन करने वालों की क्या प्रतिक्रिया होगी। राहत के आसार
व्यापारियों का कहना है कि जैसे लखनऊ से अधिकारी हमारे बीच पहुंचे हैं तो हमें एक उम्मीद तो जगी है लेकिन लिखित में नहीं मिला है इसलिए हम बैठे हैं। वहीं वार्ता में मौजूद एडवोकेट अनजनेय सिंह ने कहा था कि वार्ता में यही बात कही गई है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के बाद ही कुछ राहत मिलने की उम्मीद है । क्योंकि इस आदेश में कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। व्यापार बंद नहीं घर टूटने से दिक्कत
जो लोग धरने पर बैठे हैं उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश है कि आवासीय प्लॉट में कमर्शल गतिविधियां नहीं कर सकते उससे हमें कोई आपत्ति नहीं है। हम अपनी दुकान बंद करने को तैयार हैं , लेकिन जो सेटबैक छोड़ने की बात कही गई है उसका हम विरोध कर रहे हैं। क्योंकि हमारे यह मकान 37 मीटर में बने हुए हैं यदि इसमें भी हम 1 मी का सेटबैक छोड़ देंगे तो हमें अपने परिवार के साथ यहां रहने में परेशानी होगी। तोड़ना भी नहीं है आसान
सेक्टर 2 में बने हुए 37 मीटर में जो मकान है वह सभी एक दूसरे से सट कर मिले इसके साथ-साथ मकान लगभग 35 से 40 साल पुराने हैं ऐसे में यदि उनको आगे से तोड़ा जाता है तो इसमें और भी नुकसान होने की संभावना है। अब जानिए क्या है मामला
दरअसल बीती 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने शास्त्री नगर क्षेत्र की 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश दिया था जिसका पालन आवास विकास द्वारा किया गया और 8 अप्रैल को सभी प्रॉपर्टी सील कर 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दे दी गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी 815 जो प्लॉट बचे हैं उनमें कोई भी कमर्शियल गतिविधि न चलने दी जाए इसके साथ-साथ आवासीय में भी नियम अनुसार सेटबैक छोड़ जाए इस आदेश के बाद से ही सेक्टर 2 में महिलाएं धरने पर बैठी है। अब जानिए सेट बैक की शर्तें
सेंट्रल मार्किट में पिछले काफी समय से सेट बैक को लेकर भ्रम की स्थिति है। यह साबित करने का प्रयास हो रहा है कि 60 मीटर तक के आवास के लिए सेट बैक जरूरी नहीं है। जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो नियम सब के लिए बराबर हैं। सेट बैक नहीं छोड़ा तो छोटे आवासों पर भी कार्रवाई होना तय है। सेट बैक का गणित भी समझें
फ्रंट सेटबैक (F): घर के सामने, सड़क और भवन के बीच की दूरी (सामने की तरफ)।
रियर सेटबैक (R): घर के पीछे, प्लॉट की पिछली सीमा और भवन के बीच की दूरी।
साइड सेटबैक (S1): घर के दाएं और बाएं किनारों पर, पड़ोसी प्लॉट की सीमा और भवन के बीच की दूरी।
स्ट्रीट सेटबैक (S2): कॉर्नर प्लॉट के मामले में, मुख्य सड़क के अतिरिक्त दूसरी सड़क की ओर की जगह। सेंट्रल मार्किट के आवास पर सेटबैक
– रेजीडेंशियल 150 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
– रेजीडेंशियल 151 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 1.5 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
– रेजीडेंशियल 300 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। कमर्शियल के लिए सेटबैक
– कमर्शियल 100 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1.5 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
– कमर्शियल 101 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
– कमर्शियल 301 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 4.5 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। नोटिस के बाद मिलेगा 15 दिन का समय
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने इन संपत्तियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नोटिस तैयार हो रहे हैं, जिनका जल्द वितरण शुरु हो जाएगा। इसके बाद केवल 15 दिन का समय संपत्ति स्वामी को मिलेगा। 16वें दिन से आवास एवं विकास परिषद कार्रवाई करेगा।
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सेंट्रल मार्केट में 15 वे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन: महिलांए बोली- सरकार ने लिया संज्ञान, लिखित आदेश के बाद ही खत्म करेंगे धरना – Meerut News
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