पिछले एक साल में भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. इसकी वजह ग्लोबल टेंशन और देश की बदलती आर्थिक स्थिति मानी गई है. अब अक्षय तृतीया पर लोग सोने-चांदी की खरीदारी करेंगे और इससे पहले अगर आप अलग-अलग निवेश ऑप्शन के परफॉर्मेंस भी देखें तो सोना शेयर बाजार से बेहतर साबित हुआ है.
सोना इस दौरान सबसे अच्छा परफॉर्मेंस करने वाला एसेट रहा है. केंद्रीय बैंकों और निवेशकों की लगातार खरीदारी, साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सोने की मांग बढ़ी है, जिससे इसकी कीमतों में तेजी आई है. मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, आंकड़ों के मुताबिक, 30 अप्रैल 2025 की अक्षय तृतीया से अब तक सोने ने करीब 62% रिटर्न दिया है, जबकि निफ्टी 50 में सिर्फ 0.7% की मामूली बढ़त देखने को मिली है.
शेयरों में कितनी बढ़त?
खास बात ये है कि दो ऐसे शेयर्स भी हैं जिन्होंने सोने से ज्यादा रिटर्न दिया है. हम बात कर रहे हैं Shriram Finance और Hindalco Industries की. ये ऐसे शेयर रहे जिन्होंने सोने से बेहतर रिटर्न दिया है. श्रीराम फाइनेंस का शेयर करीब 69% और हिंडाल्को का 67.7% तक चढ़ा, जो सोने के 62% रिटर्न से ज्यादा है. यह दिखाता है कि निवेशक इस समय सुरक्षित निवेश की ओर ज्यादा झुक रहे हैं. वहीं अन्य शेयर जैसे Tata Steel में 53.8% और Bharat Electronics (BEL) में 46% की तेजी देखने को मिली, लेकिन ये भी सोने की तेजी को पीछे नहीं छोड़ पाए.
एनालिस्ट की राय
एनालिस्ट अविनाश गोरक्षकर के अनुसार, श्रीराम फाइनेंस अब एक मजबूत और विविध फाइनेंशियल कंपनी बन चुकी है. इसका NIM 8.5% और RoA 3.1% है, जबकि 20.5% का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो इसे आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच भी मजबूत बनाए रखता है और MSME व गोल्ड लोन जैसे सेगमेंट में तेजी से बढ़ने में मदद करता है.
एनालिस्ट का मानना है कि Shriram Finance और Hindalco Industries ने भारत की ग्रोथ स्टोरी में अहम भूमिका निभाई है और मजबूत फाइनेंशियल अनुशासन व बेहतर ऑपरेशन के दम पर बाजार में अपनी लीडरशिप बनाई है.
निवेश के लिए मजबूत ऑप्शन
एक्सपर्ट अविनाश गोरक्षकर के मुताबिक, श्रीराम फाइनेंस अब एक मजबूत और डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल कंपनी बन चुकी है. इसका NIM 8.5%, RoA 3.1% और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 20.5% है, जिससे कंपनी आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच भी मजबूत रहती है और MSME व गोल्ड लोन जैसे सेगमेंट में तेजी से विस्तार कर रही है.
Hindalco Industries ने खुद को एक साधारण कमोडिटी कंपनी से आगे बढ़ाकर हाई मार्जिन और वैल्यू-एडेड बिजनेस में बदल लिया है. कंपनी का EBITDA मार्जिन करीब 20% है और कम कर्ज (Net Debt/EBITDA 1.4x) के साथ यह 14.2% का RoCE दे रही है, जो इसकी लागत से बेहतर है.
एक्सपर्ट के अनुसार, Shriram Finance और Hindalco Industries दोनों ही निवेश के लिए मजबूत ऑप्शन हैं. श्रीराम फाइनेंस घरेलू क्रेडिट ग्रोथ से फायदा दे सकता है, जबकि हिंडाल्को ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर से जुड़ा अवसर देता है. एनालिस्ट का मानना है कि दोनों कंपनियों का फंडामेंटल मजबूत है. मजबूत कैश फ्लो और बदलते वैश्विक हालात में भी मुनाफा बनाए रखने की क्षमता इन्हें निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है.
कितना दिया रिटर्न?
शेयर परफॉर्मेंस की बात करें तो Shriram Finance का शेयर इस साल अब तक करीब 1% बढ़ा है, जबकि पिछले 6 महीनों में 52% उछला है. वहीं 2 साल में इसने 115% और 5 साल में करीब 275% का शानदार रिटर्न दिया है.
श्रीराम फाइनेंस के शेयर में हाल के दिनों में तेज तेजी देखने को मिली है. सिर्फ 4 ट्रेडिंग सेशंस में यह करीब 19% चढ़ा और इसके बाद 6 सेशंस तक सीमित दायरे में बना रहा, जिसे ‘फ्लैग पैटर्न’ कहा जाता है. यह दिखाता है कि शेयर में बड़ी गिरावट नहीं आई और निवेशक मुनाफावसूली नहीं कर रहे हैं.
एक्सपर्ट के मुताबिक, यह पैटर्न आगे तेजी का संकेत देता है. अगर शेयर ₹1,040 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो इसमें ₹1,085 तक जाने की संभावना है. वहीं, अगर यह नीचे गिरकर सपोर्ट तोड़ता है, तो यह संकेत होगा कि फिलहाल तेजी कमजोर पड़ सकती है.
Hindalco Industries के शेयर ने इस साल अब तक (YTD) करीब 15% की बढ़त दिखाई है, जबकि पिछले 6 महीनों में इसमें 34% की तेजी आई है. लंबे समय में भी यह मजबूत रहा है, जहां 2 साल में 70% और 5 साल में 179% का शानदार मल्टीबैगर रिटर्न दिया है.
टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर ने 50 दिन का फ्लैट बेस बनाया है और हाल ही में ₹1,010 के ऊपर ब्रेकआउट की कोशिश की है, जो आगे तेजी जारी रहने का संकेत देता है. एक्सपर्ट के मुताबिक Hindalco Industries में ब्रेकआउट तो दिख रहा है, लेकिन इसमें वॉल्यूम का सपोर्ट नहीं है, जिससे यह फॉल्स ब्रेकआउट भी हो सकता है. अभी स्ट्रक्चर मजबूत है, लेकिन तेजी के लिए और कन्फर्मेशन जरूरी है. कुछ समय तक कंसोलिडेशन रहने से बेस मजबूत होगा और निवेश के लिए बेहतर मौका मिल सकता है.
सोने में इतने फीसदी की बढ़त संभव
उनके अनुसार, अगर शेयर ₹1,010 के ऊपर वॉल्यूम के साथ टिकता है तो यह ₹1,100 तक जा सकता है. लेकिन अगर यह इस लेवल को बनाए नहीं रख पाता, तो शॉर्ट टर्म में कमजोरी देखने को मिल सकती है. वहीं, सोने को लेकर एक्सपर्ट्स का नजरिया पॉजिटिव है. उनका मानना है कि 2026 में सोने की कीमतों में 10–15% तक की बढ़त हो सकती है. इंटरनेशनल लेवल पर कीमत $5,300–$5,500 तक जा सकती है, जबकि घरेलू बाजार में सोना ₹1.7 लाख से ₹1.85 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है.

