क्यूएस बेस्ट स्टूडेंट सिटीज 2027 की लिस्ट में दिल्ली को जगह मिली है और उसे स्टूडेंट्स के लिए वर्ल्ड लेवल पर सबसे किफायती शहर माना गया है। वहीं, मुंबई 7 पायदान ऊपर चढ़कर देश का टॉप शहर बनकर उभरा है। इस साल की रैंकिंग में 4 भारतीय शहरों को जगह मिली है। क्यूएस बेस्ट स्टूडेंट सिटीज 2027 की लिस्ट में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई ने जगह बनाई है, जिसे Global Higher Education Analyst QS Quacquarelli Symonds की तरफ से जारी किया गया है।
QS की लिस्ट में दिल्ली सबसे Affordable शहर
जान लें कि किफायती होने के मामले में दिल्ली टॉप पर है। दिल्ली की सालाना औसत इंटरनेशनल ट्यूशन फीस करीब 2 हजार 700 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 2.60 लाख रुपये है। वहीं, एम्प्लॉयर एक्टिविटी यानी रोजगार देने वालों की सक्रियता के मामले में दिल्ली ने दुनियाभर में 29वीं रैंक पाई है, जो बढ़ते रोजगार का संकेत है।
मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु को भी मिली जगह
इसके अलावा, ओवरऑल रैंकिंग में मुंबई सबसे ऊंची रैंकिंग वाला भारतीय शहर बना है। मुंबई की ओवरऑल रैंकिंग में 7 पायदानों का सुधार हुआ है। मुंबई 2026 के 98वें नंबर से 91वें स्थान पर आ गया है। वहीं, चेन्नई 5 पायदान ऊपर चढ़कर 123वें नंबर पर पहुंच गया है, जबकि बेंगलुरु 6 पायदान नीचे खिसककर ज्वाइंट तौर पर 114वें नंबर पर आ गया है।
| वैश्विक रैंक | भारतीय शहर | कुल स्कोर | Employer Activity | Desirability | Affordability |
|---|---|---|---|---|---|
| 91 | मुंबई | 61.8 | 78.3 | 44.9 | 84.4 |
| 99 | दिल्ली | 60.3 | 80.4 | 35.8 | 93.9 |
| 114 | बेंगलुरु | 56.0 | 66.8 | 37.5 | 77.2 |
| 123 | चेन्नई | 54.0 | 64.6 | 44.7 | 74.7 |
टॉप पर रहे सियोल, टोक्यों और लंदन
QS बेस्ट स्टूडेंट सिटीज 2027 रैंकिंग के अनुसार, साउथ कोरिया की राजधानी सियोल को एक बार फिर स्टूडेंट्स के लिए विश्व का सबसे अच्छा शहर चुना गया है। सियोल अपनी बेहतरीन यूनिवर्सिटीज, ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी के अच्छे मौकों और स्टूडेंट्स के बीच अपनी पॉपुलैरिटी की वजह से लिस्ट में सबसे टॉप पर रहा।
टोक्यो में जॉब्स के लिए हैं अच्छे मौके
वहीं, टोक्यो दूसरे स्थान पर रहा, जहां ग्रेजुएट्स के लिए जॉब्स के मौकों के मामले में उसको पूरे नंबर मिले। इसके बाद, लंदन तीसरे स्थान पर रहा। पढ़ाई के लिए सबसे महंगी सिटी में से एक होने के बावजूद, स्टूडेंट्स की संतुष्टि और यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा के मामले में लंदन का परफॉर्मेंस अच्छा रहा।
| वैश्विक रैंक | शहर | कुल स्कोर | Employer Activity | Desirability | Affordability |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | सियोल | 100.0 | 94.1 | 89.0 | 55.2 |
| 2 | टोक्यो | 98.0 | 100.0 | 94.0 | 53.5 |
| 3 | लंदन | 97.3 | 92.5 | 81.6 | 14.4 |
| 4 | मेलबर्न | 94.8 | 87.4 | 84.4 | 26.8 |
| 5 | म्यूनिख | 94.1 | 89.5 | 92.5 | 41.0 |
| 6 | सिडनी | 94.1 | 85.6 | 90.2 | 23.7 |
| 7 | पेरिस | 92.5 | 87.2 | 83.7 | 42.4 |
| 8 | बर्लिन | 91.8 | 81.9 | 82.3 | 52.2 |
| 9 | वियना | 90.9 | 75.6 | 96.8 | 53.6 |
| 10 | ज्यूरिख | 90.6 | 81.0 | 88.2 | 25.9 |
रैंकिंग का पैमाना क्या है?
इस सालाना रैंकिंग में विश्व भर के 150 शहरों का चुनाव 6 पैमानों पर किया जाता है। इसमें यूनिवर्सिटी की क्वालिटी, एम्प्लॉयर की एक्टिविटी, खर्च की क्षमता यानी Affordability, Desirability, स्टूडेंट मिक्स और स्टूडेंट्स की राय शामिल होती है। इससे पहले QS World University Ranking में IIT Delhi ने कमाल किया था और लगातार दूसरे साल भारत का टॉप संस्थान बना रहा था।
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