Friday, April 10, 2026
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स्वच्छ सर्वेक्षण: टॉप-3 में आ सकता है भोपाल: इंदौर का 11 शहरों से मुकाबला; जबलपुर-ग्वालियर को मिनिस्ट्रियल अवॉर्ड मिलेंगे – Bhopal News


स्वच्छ सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल इस बार टॉप-3 में शामिल हैं।

स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में इस बार भी मध्यप्रदेश के शहर बाजी मारेंगे। राजधानी भोपाल देश के सबसे स्वच्छ शहरों में टॉप-3 में आ सकता है। साथ ही सबसे स्वच्छ राजधानी का तमगा भी फिर मिलने की उम्मीद है।

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वहीं, इंदौर का 11 अन्य शहरों से मुकाबला है। अबकी बार वह स्वच्छ सर्वे की सुपर स्वच्छता लीग में शामिल हैं। जिसमें वे 12 शहर शामिल हैं, जो साल 2021 से 2023 तक तीन साल में कम से कम दार बार टॉप-3 में रहे थे।

स्वच्छता अवॉर्ड की 3 कैटेगरी रहेगी। इनमें भोपाल, देवास और शाहगंज को अपनी-अपनी कैटेगरी में प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड मिलेंगे। जबलपुर को स्पेशल कैटेगरी और ग्वालियर को स्टेट लेवल का मिनिस्ट्रियल अवॉर्ड मिलेगा।

10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में इंदौर को अवॉर्ड दिया जाएगा। 3 से 10 लाख तक की जनसंख्या में उज्जैन और 20 हजार से अधिक जनसंख्या वाले में सीहोर जिले की बुधनी को अवॉर्ड मिलेगा।

बता दें, सुपर स्वच्छता लीग में इंदौर के अलावा सूरत और पुणे भी शामिल हैं। पिछले सर्वेक्षण में गुजरात के सूरत के साथ इंदौर सबसे स्वच्छ शहर रहा था। इंदौर को यह लगातार 7वीं बार अवॉर्ड मिला था। वहीं, मध्यप्रदेश को देश के दूसरे सबसे स्वच्छ स्टेट का अवॉर्ड मिला था।

इस सर्वेक्षण में इंदौर-भोपाल के अलावा जबलपुर और ग्वालियर को भी अपनी कैटेगरी में मिनिस्ट्रियल अवॉर्ड मिलेंगे। यानी, इन्हें राष्ट्रपति के हाथों अवॉर्ड नहीं मिलेंगे। भोपाल को प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड मिलेगा। ऐसे में भोपाल का टॉप-3 में शामिल होना पक्का है।

पिछले सर्वेक्षण में भोपाल पांचवें नंबर पर था। इससे निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी और सफाई कर्मियों ने कुछ इस तरह से जश्न मनाया था।

दिल्ली में होगा कार्यक्रम 17 जुलाई को दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू विजेता शहरों को अवॉर्ड देंगी। भोपाल से महापौर मालती राय और निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण दिल्ली पहुंचेंगे। वहीं, अन्य निगम के महापौर और कमिश्नर भी शामिल होंगे।

पिछली बार पांचवें नंबर पर था भोपाल पिछले सर्वे में भोपाल 5वें नंबर पर था। कचरे की प्रोसेसिंग में सुधार व डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था को और पुख्ता कर भोपाल ने दावा मजबूत किया है। वहीं, फरवरी में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) की वजह से भी भोपाल को फायदा मिलेगा।

जीआईएस के चलते राजधानी में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के काम शहर में हुए हैं। इसमें स्वच्छता से जुड़े काम भी शामिल थे। इसी दौरान स्वच्छता सर्वेक्षण टीमें भी भोपाल पहुंची थी। इसलिए दावा मजबूत है। भोपाल निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा-

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भोपाल को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी होने का अवॉर्ड भी मिल सकता है। फिर से शिखर पर आने की खुशी है। अवॉर्ड मिलने पर जश्न मनाएंगे।

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पिछली बार 18 अवॉर्ड मिले थे, इस बार 20 की उम्मीद पिछले साल मध्यप्रदेश को कुल 18 अवॉर्ड मिले थे। इस बार 20 अवॉर्ड मिल सकते हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी भी अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पिछली बार कार्यक्रम में शामिल रहे थे, लेकिन इस बार वे

स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल का अब तक का सफर स्वच्छ सर्वेक्षण में भोपाल ने 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरी रैंक हासिल की थी। 2019 में भोपाल खिसककर 19वें नंबर पर आ गया था। उस समय अफसरों के लगातार तबादले के कारण तैयारियों की दिशा ही तय नहीं हो पाई थी, लेकिन 2020 में कम बैक करते हुए 12 पायदान ऊपर खिसका और 7वीं रैंक हासिल की। 2021 के सर्वेक्षण में भी भोपाल ने 7वां स्थान हासिल किया था।

2022 के सर्वेक्षण में भोपाल की रैंक सुधरी और यह छठवें स्थान पर आ गया। वहीं, भोपाल को 5 स्टार मिला। 2023 के सर्वेक्षण में पांचवीं रैंकिंग रही थी। इस बार यह टॉप-3 में हो सकती है।



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