हनुमानगढ़ की भट्टा कॉलोनी स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क में स्वामी विवेकानंद रंगमंच सेवा समिति की ओर से आयोजित रामलीला के तीसरे दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के जन्म का मंचन किया गया। कलाकारों के अभिनय ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। समिति पिछले 41 साल से रामलीला का मंचन कर धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। रामलीला के साथ सामाजिक गतिविधियों के तहत 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी पर 108 कन्याओं का महापूजन भी किया जाएगा। कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा मन रामलीला के तीसरे दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के जन्म प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से प्रसंगों को जीवंत किया, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम में अमित लखोटिया और बजरंग राठी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। 41 साल से रामलीला के जरिए दे रहे संस्कारों का संदेश समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि स्वामी विवेकानंद रंगमंच सेवा समिति 41 साल से रामलीला का आयोजन कर रही है। इसका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को बनाए रखना और नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना है। रामलीला के माध्यम से सत्य, मर्यादा और धर्म का संदेश दिया जा रहा है। दुर्गा अष्टमी पर 108 कन्याओं का महापूजन गौरव शर्मा ने बताया कि रामलीला के साथ समिति सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित करती है। इसी क्रम में 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी पर 108 कन्याओं का महापूजन किया जाएगा। इसकी तैयारियां चल रही हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने की अपील की है। दशहरा महोत्सव की तैयारियों में जुटे पदाधिकारी और कार्यकर्ता रामलीला और दशहरा महोत्सव को सफल बनाने के लिए समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार तैयारियों में जुटे हैं। समिति का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है। आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष रोहित शर्मा, सचिव मानव तिवारी, कोषाध्यक्ष अमित सैन, उपकोषाध्यक्ष प्रभु सिंह मजोका, प्रदीप गुप्ता, पवन सिंह, विशाल सिंघल, संजय बागोरिया, अमित तिवारी और बलजीत सिंह सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समिति पदाधिकारियों ने शहरवासियों से रामलीला के आगामी मंचन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि रामलीला मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और आदर्श जीवन मूल्यों को समझने का अवसर भी है।
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