सैयद रिजवान अली | हमीरपुर3 मिनट पहले
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हमीरपुर में जल संस्थान के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। तीन दिन पहले दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस आरोपी अब्दुल सलाम उर्फ आरिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब पीड़िता की मां और आरोपी के सहकर्मियों की ओर से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि आरोपी की पत्नी उसकी हरकतों से पहले ही वाकिफ हो चुकी थी। इसी कारण वह अपने बच्चों के साथ मायके में रहने लगी थी। अब्दुल जल संस्थान के कैंपस में अकेला रहता था, जिससे पड़ोसियों का भी उससे कोई खास मेलजोल नहीं था। पीड़िता की मां ने बताया कि आरोपी ने उसके पति की बीमारी का फायदा उठाया और घर में आने-जाने का बहाना बनाकर नाबालिग बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया।
इसी दौरान उसने आपत्तिजनक वीडियो और फोटो भी बना लिए। इसके बाद आरोपी ने उन्हें वायरल करने की धमकी देकर करीब तीन साल तक बेटी का शारीरिक शोषण करता रहा। पीड़िता के पिता की मौत के बाद मां को मृतक आश्रित में नौकरी मिली। इसी दौरान बेटी ने मां को आरोपी की करतूतों की पूरी जानकारी दी।
सच्चाई सामने आने पर मां ने बेटी को मायके भेज दिया, लेकिन इसके बाद आरोपी लगातार धमकियां देने लगा और बेटी को वापस बुलाने का दबाव बनाने लगा। वापस न भेजने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। पीड़िता की मां का आरोप है कि आरोपी ने अपने सहकर्मियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर भी उसे बदनाम करने वाले संदेश डाले। सहकर्मियों ने बताया कि आरोपी का व्यवहार बेहद उद्दंड था और वह सभी को धमकाता था कि कोई भी इस मामले में दखल न दे।
सहकर्मियों के अनुसार, आरोपी अब्दुल सलाम ने खुद को हिंदू साबित करने की कोशिश भी की थी। वह अपने स्टेटस में लिखता था-
“Don’t bother about my name, I am not Muslim, I like Sanatan Dharma.”

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

