ओझा विगहा गांव में दो युवकों की हत्या और पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के मामले में वैश्य-अति पिछड़ा एकता मंच ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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ओझा विगहा गांव के राहुल चंद्रवंशी और दशरथ चौधरी का अपहरण कर हत्या कर दी गई। दोनों के शव के केवल कुछ अस्थि अवशेष ही मिले हैं। पुलिस अभी तक हत्यारों की पहचान नहीं कर पाई है। मंच के अनुसार जिले में इस तरह की क्रूर हत्या पहली बार हुई है।
प्रशासन की लापरवाही से उनकी मृत्यु हुई
दूसरे मामले में मदन सिंह टोला के प्रमोद चौधरी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अरवल के उत्पाद विभाग की पुलिस ने उन्हें घर से पकड़कर बेरहमी से पीटा। उचित इलाज के बिना उन्हें जेल भेज दिया गया। जेल प्रशासन की लापरवाही से उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों अस्पताल में बुलाकर मारपीट
मंच ने आरोप लगाया है कि, मृत्यु के बाद परिजनों को जहानाबाद सदर अस्पताल में बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई। संगठन ने दोनों मामलों में उच्च स्तरीय जांच और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे की मांग की है। मंच ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे जिले में न्याय के लिए आंदोलन करेंगे।

