सामग्री:
- 1 कप उबले और मसले हुए आलू
- 1/2 कप कुट्टू (कुट्टी नो दारो) का आटा
- 2 बड़े चम्मच भुनी और दरदरी कुटी हुई मूंगफली
- 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
- 2 छोटे चम्मच बारीक कटी हरी मिर्च
- 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
- स्वादानुसार सेंधा नमक
- तलने के लिए तेल
विधि:
सबसे पहले एक गहरे कटोरे में उबले और मसले हुए आलू डालें. आलू पकौड़ों में स्टार्च और हल्का मीठा स्वाद जोड़ता है. यह पकोड़ों को बांधने का काम करता है और तलते समय टूटने से बचाता है. इसके बाद कुट्टू का आटा मिलाएँ. कुट्टू का आटा व्रत और एकादशी जैसे धार्मिक उपवासों में प्रयोग किया जाता है, जब अन्य अनाज की अनुमति नहीं होती.
एक गहरे नॉन-स्टिक पैन में तेल गरम करें. अपनी उंगलियों या चम्मच की मदद से मिश्रण की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर तेल में डालें. एक बार में कुछ पकोड़े डालकर मध्यम आंच पर तलें. उन्हें तब तक तलें जब तक चारों ओर से सुनहरे और कुरकुरे न हो जाएं. पकोड़े तैयार होने के बाद शोषक कागज़ पर निकालें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए.
-आप उबले आलू की जगह कद्दूकस किए हुए आलू का भी इस्तेमाल कर सकती हैं. इससे पकोड़े हल्के और ज्यादा कुरकुरे बनते हैं.
-व्रत पकोड़ों को हमेशा गरमागरम और कुरकुरी परोसें.
-कुट्टू का आटा धार्मिक उपवासों में आदर्श है और इसे तलते समय पकोड़ों का आकार टिकता है.
नवरात्रि के दौरान यह हल्का और कुरकुरा स्नैक आपके व्रत को स्वादिष्ट बनाने के लिए परफेक्ट है. यह स्नैक बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आता है और व्रत के नियमों का पालन करते हुए भी इसे आनंद के साथ खाया जा सकता है.

