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Gujarat Cyber Crime: गुजरात साइबर क्राइम यूनिट ने सूरत से 10 लोगों को 1532 साइबर धोखाधड़ी और 894 करोड़ रुपये की हेराफेरी में गिरफ़्तार किया. पैसा दुबई भेजा गया. 650 सिम कार्ड भी बरामद हुए.
जिन लोगों के साथ साइबर फ्रॉड किया गया, उनमें ज्यादातर गुजरात के हैं. (फाइल फोटो)अहमदाबाद. गुजरात साइबर क्राइम यूनिट ने 1532 से ज़्यादा साइबर धोखाधड़ी के मामलों और 894 करोड़ रुपये की हेराफेरी से जुड़े कई मामलों में सूरत से कम से कम 10 लोगों को गिरफ़्तार किया है. मामले से परिचित अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह गुजरात पुलिस द्वारा पकड़ी गई “अब तक की सबसे बड़ी धोखाधड़ी” है.
स्टेट साइबर सेल इकाई के सूत्रों ने बताया कि साइबर यूनिट के अधिकारी सूरत और राज्य के अन्य हिस्सों में दर्ज कुछ साइबर धोखाधड़ी के मामलों पर काम कर रहे थे और उन्होंने सभी मामलों में एक समान पैटर्न पाया. सूत्रों ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि बाद में अधिकारियों ने संबंधित पीड़ितों से मुलाकात की और धोखाधड़ी के तौर-तरीकों के बारे में जानकारी हासिल की.
जांच में सामने आया कि 1500 से ज्यादा लोगों के साथ साइबर फ्रॉड किया गया, जिसमें से 147 तो गुजरात के लोगों के साथ हुआ. इस धोखाधड़ी की जांच में टीम ने 650 से ज्यादा सिम कार्ड भी बरामद किए. यह भी पता चला है कि सारा पैसा दुबई भेजा गया.
सूत्रों ने बताया कि खुफिया जानकारी और जानकारी के आधार पर, अधिकारियों ने कुछ हफ़्ते पहले सूरत से चार युवकों को गिरफ्तार किया था. युवकों से पूछताछ के दौरान, अधिकारियों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में और जानकारी मिली, जिसके बाद सूरत से छह और लोगों को गिरफ्तार किया गया. गुजरात साइबर अपराध विभाग के सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य भर के विभिन्न थानों में कुल 1,532 मामले दर्ज किए गए हैं और ठगी गई राशि 890 करोड़ रुपये से अधिक है.
अधिकारी ने गिरोह के सरगना की पहचान का विवरण दिए बिना कहा कि मुख्य आरोपी विदेश में बसा हुआ है. अधिकारी के अनुसार, सरगना ने अपने लिए काम करने के लिए कई लोगों को रखा था और ठगी गई राशि का एक निश्चित प्रतिशत उनके साथ साझा करता था. एक अधिकारी ने कहा कि और गिरफ्तारियां होंगी क्योंकि कई नाम सामने आए हैं और आरोपी फरार हैं. पुलिस ने आरोपियों का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया क्योंकि मामले की जांच जारी है.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

