Friday, April 17, 2026
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इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची कोमा में, 5 दिन बाद तोड़ा दम, क्लिनिक बंद कर डॉक्टर फरार – Sehore News


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जहरीले कफ सिरप से छिंदवाड़ा में 14 बच्चों की मौत का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ, वहीं दूसरी ओर खांसी और बुखार का इलाज कराने पहुंची एक 2 साल की बच्ची की मौत ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की कलई खोल दी। बच्ची की भोपाल के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई।

घटना 2 अक्टूबर की है। उसी दिन पिपलिया मीरा निवासी दीक्षा को खांसी-बुखार होने पर बरखेड़ी स्थित मुस्कान क्लिनिक में भर्ती कराया था, जहां गलत इंजेक्शन लगाने से उसकी तबियत ज्यादा खराब होने लगी, वह कोमा में चली गई। आनन फानन में उसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यहां पर भी सुधार न होने पर उसे गंभीर हालत में भोपाल के निजी अस्पताल में रैफर किया गया था। जहां मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मां बेसुध हो गई, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं मृतका के चाचा गजराज कुशवाह ने कहा- प्रशासन के सामने जान का कोई मूल्य नहीं है। 4 अक्टूबर को थाने में गलत इंजेक्शन को लेकर शिकायत की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं अब मौत के बाद तथ्य जुटाए जा रहे हैं। वहीं डॉक्टर क्लीनिक बंद कर परिवार सहित फरार हो गया है। ंबेसुध मां को दिलासा देते हुए।

जिला अस्पताल से भोपाल के निजी अस्पताल में कराया भर्ती गांव पिपलिया मीरा निवासी 2 वर्षीय दीक्षा के चाचा गजराज कुशवाह ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बड़े भाई कन्हैयालाल की बेटी दीक्षा (2) को 2 अक्टूबर को खांसी और बुखार के इलाज के लिए गांव बरखेड़ी स्थित मुस्कान क्लीनिक के डॉक्टर अशोक विश्वकर्मा को दिखाया गया था। आरोप है कि डॉक्टर विश्वकर्मा ने बच्ची को इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद दीक्षा की तबीयत बिगड़ गई और वह कोमा में चली गई। फिर उसे पहले जिला अस्पताल और फिर भोपाल के मनन चाइल्ड केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। मंगलवार को उसकी मौत हो गई। क्लीनिक में इलाज के दौरान लगभग पांच दिन तक कोमा में रहने के बाद दीक्षा ने मंगलवार को दम तोड़ दिया।

मर्ग कायम कर जांच शुरू की है ^ परिजनों की शिकायत पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी। रविंद्र यादव, टीआई कोतवाली तथ्य सामने आमने पर कार्रवाई होगी ^ मामले में जांच कराकर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया, सीएमएचओ सीहोर

आरोप: न डिग्री न इलाज की अनुमति, फिर कैसे मिलती है अनुमति परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर अशोक विश्वकर्मा के पास न तो सही डिग्री है और न ही इलाज की अनुमति। क्लिनिक पूरी तरह फर्जी तरीके से चलाया जा रहा है। गजराज ने बताया कि उन्होंने पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तब तक दीक्षा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही ने उनकी बच्ची की जान ले ली।



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