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Bihar Chunav 2025: एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान ज्यादा हिस्सेदारी मांग रहे हैं. मांझी ने तो 15 सीटें न मिलने पर चुनाव न लड़ने की चेतावनी दी है. क्या जीतन राम मांझी करेंगे बड़ा कमाल?
पटना. बिहार चुनाव के बाद एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर कशमकश जारी है. एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है. इसकी सबसे बड़ी वजह एनडीए के दो पार्टनर हम और एलजेपी (रामविलास) नजर आ रहे हैं. मोदी कैबिनेट के दो कद्दावर मंत्री हम के सर्वेसर्वा जीतन राम मांझी और एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ज्यादा हिस्सेदारी मांग रहे हैं. बिहार बीजेपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान की बीते कई दिनों से इन दोनों नेताओं के साथ आमने-सामने और फोन पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन नतीजा नहीं निकल रहा है. बुधवार को स्थिति और गंभीर हो गई, जब मांझी ने इशारों में नहीं खुलमखुल्ला सीट बंटवारे पर अपनी नाराजगी जताई. मांझी ने कहा कि अगर उन्हें 15 सीटें नहीं दी जाती हैं तो वह एक भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन एनडीए में ही रहेंगे. ऐसे में क्या जीतन राम मांझी 2020 वाली कहानी दोहराएंगे?
मांझी क्या इस बार भी करेंगे बड़ा खेला?
मांझी ने आगे कहा, ‘नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनेगा कि नहीं बनेगा यह बात जितन राम मांझी ने ही बोला था. नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और वही अगला मुख्यमंत्री बनेंगे. हम लोग तो हर समय हम एनडीए को साथ देते हैं लेकिन एनडीए का भी फर्ज बनता है की जीतन मांझी को अपमानित ना होने दे. इसीलिए अभी हमने कहा है। कि लास्ट इलेक्शन में जो असेंबली का हुआ था, हमको सात सीटें मिली थी. हम चार पर चुनाव जीते थे यानी 60% मेरा स्कोरिंग रेट था. बहुत लोगों को तो 50, 40 या 30% था. हम आज वो ही कह रहे हैं कि हमको इतना सीट दीजिए कि 60% स्कोरिंग सीट ला सकें. इसका मतलब कि अगर 15 सीट अगर हमको मिलती है तो हम 15 में से आठ और नौ सीट जीत लेंगे. हम हो सकता है की पॉलिटिकल पार्टी के रूप में मर्ज कर देंगे यही तो मांग मेरी है. हम नरेंद्र मोदी जी के चेहते हैं, उनके चेला हैं. जो नरेंद्र मोदी जी का इशारा होगा, वह एनडीए का होगा.
15 से कम पे नहीं मानेंगे मांझी?
मांझी ने कहा है कि हम तो यह आग्रह कर रहे हैं, अनुरोध कर रहे हैं कि जो हम अपमानित हो रहे हैं, उससे बचाइए. आपका हम छोटा परिवार हैं। और छोटा परिवार बेइज्जती सहते रहे। ये बड़े परिवार को छोड़ने का काम है। ये सिर्फ अपनी बात को बता रहे हैं उनको और इसी पर हमने कहा है कि अगर। वो लोग ऐसा सोचते है की कोई कहता है सात कोई कहता है आठ तो उससे अच्छा है की हम चुनाव नहीं लड़ेंगे.’
जीतन राम मांझी की पार्टी साल 2020 के बिहार चुनाव में 7 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. 4 सीट पर हम के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी. जबकि, तीन सीट पर हम की करारी हार हुई थी. लोकसभा चुनाव 2024 में जीतन राम मांझी गयाजी सीट से जीतकर संसद पहुंचे और पीएम मोदी ने एक सीट होने के बाद बावजूद जीतन राम मांझी कैबिनेट मंत्री बना दिया. बीते डेढ़ साल से वह केंद्र में मंत्री हैं और बेटा संतोष सुमन नीतीश कैबिनेट का पार्ट हैं. ऐसे में बिहार चुनाव से पहले जीतन राम मांझी का मान्यताप्राप्त पार्टी वाला दांव क्या पीएम मोदी को झुका देगा? क्या हम 8 सीट पर चुनाव लड़ने के लिए मान जाएगा? यह वह सवाल है जो आन वाले दिनों अखबार की सुर्खियां बन सकती है.

