ढाका18 मिनट पहले
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ढाका के अरमानीटोला इलाके में शुक्रवार सुबह एक आठ मंजिला इमारत की रेलिंग गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई।
बांग्लादेश में शुक्रवार सुबह करीब 10:08 (भारतीय समयानुसार) बजे 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 200 से ज्यादा घायल हुए हैं।
भूकंप का केंद्र नरसिंगडी के माधबडी में था, जो ढाका से सिर्फ 25 किलोमीटर दूर है। झटके इतने तेज थे कि इसके असर से एक दस मंजिला इमारत दूसरी तरफ झुक गई।
वहीं, बांग्लादेश-आयरलैंड इंटरनेशनल क्रिकेट मैच भी कुछ देर के लिए रोक दी गई।

भूकंप के बाद की तस्वीरें…

बांग्लादेश में शुक्रवार को आए भूकंप में 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।

घायलों को लोगों ने अस्पताल पहुंचाया।

भूकंप के झटके से एक दस मंजिला इमारत दूसरी तरफ झुक गई।

भूकंप के तेज झटकों के कारण राजधानी के तेजकुनीपारा क्षेत्र में कई लोग डर के मारे अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए

बचावकर्मियों ने मलबे को हटाकर लोगों को रेस्क्यू किया।

भूकंप के कारण बांग्लादेश-आयरलैंड के बीच चल रही मैच को बीच में ही रोक दिया।
भूकंप के बाद कपड़ा फैक्ट्री में भगदड़
गाजीपुर के श्रीपुर में भूकंप के दौरान भारी हादसा हो गया। घबराहट की वजह से एक बहुमंजिला इमारत से निकलने की कोशिश में भगदड़ मच गई, जिसमें 150 से ज्यादा मजदूर घायल हो गए।
घटना डेनिमेक नाम की एक कपड़ा फैक्ट्री में हुई। घायलों को श्रीपुर उपजिला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। मजदूरों ने शिकायत की कि भूकंप आने के बाद अधिकारियों ने कारखाने का मेनगेट खोलने से इनकार कर दिया था। इससे दहशत फैल गई जिसकी वजह से ज्यादा लोग घायल हुए।
भूकंप से 10 महीने की बच्ची की मौत
आज सुबह आए भूकंप के दौरान नारायणगंज के रूपगंज उपजिला में एक दीवार गिरने से 10 महीने की बच्ची की मौत हो गई। बच्चे की मां और एक पड़ोसी घायल हो गए और फिलहाल उनका उपजिला के एक निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बच्ची की मां ने द डेली स्टार को बताया, “भूकंप महसूस होते ही, बच्चे की मां अपनी बेटी के साथ घर से बाहर निकल आई। जब वे पास में ही अपनी मां के घर जा रही थीं, तो सड़क किनारे एक दीवार अचानक उनके ऊपर गिर गई।” पुलिस अधिकारी ने बताया कि बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
बांग्लादेश में 1762 में आया था सबसे खतरनाक भूकंप
बांग्लादेश में अब तक का सबसे बड़ा भूकंप 1762 में आया था। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.5 थी। इसे ‘ग्रेट अराकान अर्थक्वेक’ के नाम से जाना जाता है। इसके चलते बांग्लादेश में भी भारी नुकसान हुआ था।
भूकंप के आधे घंटे के अंदर 6 से 15 मीटर तक ऊंची सुनामी ने चटगांव शहर को पूरी तरह तबाह कर दिया। सदरघाट और आसपास के बड़े इलाके हमेशा के लिए समुद्र में डूब गए। इस भूकंप में हजारों लोगों की मौत हुई थी।
उस समय बंगाल में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन था। कंपनी के दस्तावेजों में लिखा है कि चटगांव शहर रातों-रात गायब हो गया। पुर्तगाली और डच व्यापारियों के रिकॉर्ड में भी इसका जिक्र है। स्थानीय बंगाली और अराकानी लोककथाओं में इसे ‘समुद्र के बदले’ के रूप में याद किया जाता है।
कोलकाता में 20 सेकेंड तक झटके महसूस हुए
कोलकाता में शुक्रवार सुबह 10:10 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, झटके करीब 20 सेकेंड तक महसूस हुए।
रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.2 थी। अब तक किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
कूचबिहार,दक्षिण दिनाजपुर, मालदा और नादिया के कई इलाकों में इसका असर देखा गया। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश बताया जा रहा है।

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बिहार में भूकंप- किशनगंज, अररिया में घरों से निकले लोग: बोले- सब हिलने लगा था; ढाका के पास था केंद्र, 5.6 मापी गई तीव्रता

किशनगंज और अररिया में शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। जमीन के अचानक हिलते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश की राजधानी ढाका से 42 किमी दूर नर्सिंगदी में था। पूरी खबर पढ़ें…

