इस्लामाबाद4 घंटे पहले
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पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने कहा कि उनके सैनिक गाजा में इंटरनेशनल फोर्स की मदद करेंगे।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने शनिवार को कहा उनका देश गाजा में सैनिक भेजेगा। यह सैनिक गाजा में इंटरनेशनल फोर्स (ISF) की मदद करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि हमास से हथियार सरेंडर करना उनका काम नहीं है। ये फिलिस्तीनी कानून का काम है, पाकिस्तान और अन्य देशों को इसमें दखल नहीं करना चाहिए।
डार ने यह भी कहा कि गाजा में सैनिक भेजने से पहले रोल, रेगुलेशन और अधिकार क्लियर होने चाहिए। ISF का मकसद गाजा में युद्ध के बाद स्थिरता, सुरक्षा और मानवीय व्यवस्था बहाल करना है।
डार बोले- 4 साल में 4 हजार पाकिस्तानी सैनिक मारे गए
इशाक डार ने यह भी दावा कि बीते 4 साल में पाकिस्तान से 4 हजार सैनिक मारे गए हैं, जबकि 20 हजार से ज्यादा घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता संभालने के बाद पाकिस्तान को बर्दाश्त से ज्यादा नुकसान का सामना कर पड़ा है।
पाकिस्तानी डिप्टी पीएम ने तालिबान से उग्रवादियों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की। डार ने कहा कि पाकिस्तानी तालिबान (TTP) के लड़ाकों को बॉर्डर इलाके में पनाह नहीं दी जानी चाहिए।
दावा- तालिबान ने सैकड़ों TTP लड़ाकों को हिरासत में लिया
डार ने दावा किया कि हाल ही में तालिबान सरकार ने उन्हें जानकारी दी है कि सैकड़ों TTP उग्रवादियों को हिरासत में लिया गया है। अफगान विदेश मंत्री अमीर मुत्ताकी ने पाकिस्तान को एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर इन उग्रवादियों की गिरफ्तारी की पुष्टि करने को भी कहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान UN की मांग पर अफगान लोगों के लिए जरूरी फूड सामग्री की सप्लाई करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में प्रधानमंत्री और सेना सही फैसला लेंगे।

डार बोले- सुरक्षा कारणों से बॉर्डर बंद की
डार ने कहा कि हमें अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर बंद करने की खुशी नहीं हैं, लेकिन ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है। उन्होंने बताया कि तालिबान के ज्यादातर मेंबर शांति चाहते हैं, लेकिन कुछ मानने को तैयार नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अप्रैल में उनकी काबुल यात्रा के दौरान जो वादे किए गए थे, पाकिस्तान ने उन सभी को पूरा किया और तालिबान भी इसे मानता है।
डार ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की पॉलिसी साफ है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ नहीं होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने तालिबान से लगातार बातचीत की, लेकिन अब तक पॉजिटिव रिजल्ट नहीं मिले हैं।
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