Maharashtra Politics LIVE: बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) की महायुति ने वर्ली में एक बड़ी रैली के साथ आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और अन्य नगर निगम चुनावों के लिए अपने अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी है. इस रैली में बड़ी संख्या में महायुति के कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे. रैली को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई में भारतीय परंपरा के अनुसार नारियल फोड़कर चुनावी अभियान की शुरुआत की गई है. उन्होंने इसे मुंबई और यहां के लोगों के लिए ‘ज़िंदगी बदलने वाला चुनाव’ करार दिया. फडणवीस ने कहा कि यह चुनाव उन ताकतों के खिलाफ है जो सिर्फ अपने फायदे के बारे में सोचती हैं और जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं करतीं. दूसरी तरफ, उद्धव और राज ठाकरे की जोड़ी ने भी बीएमसी चुनाव को लेकर अपनी गतिवधियां बढ़ा दी हैं. कांग्रेस नेता भी अपने एजेंडे को जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं.
महाराष्ट्र लोकल बॉडी चुनाव पर पल-पल का अपडेट
महाराष्ट्र लोकल बॉडी-BMC चुनाव LIVE: राज्य के 29 नगर निगमों में से पुणे नगर निगम में सबसे ज्यादा उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया. यहां 3,061 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से 2,134 वैध पाए गए. इनमें से 968 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया. इसके बाद महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े शहर पुणे में 41 वार्डों की 165 सीटों के लिए 1,166 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए. नागपुर नगर निगम में जहां 38 वार्ड और 151 सीटें हैं, 1,442 नामांकन प्राप्त हुए थे. इनमें से 1,293 नामांकन वैध पाए गए. 300 उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद विदर्भ के सबसे बड़े शहर नागपुर में 993 उम्मीदवार मैदान में हैं. इसके अलावा नासिक में 661, सोलापुर में 532, छत्रपति संभाजीनगर में 552, ठाणे में 263 और पिंपरी-चिंचवड़ में 443 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया. यह नाम वापसी चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच तेज बातचीत और सीटों के बंटवारे को दर्शाती है. नाम वापसी के बाद छत्रपति संभाजीनगर में 859, नासिक में 735, ठाणे में 656 और नवी मुंबई में 499 उम्मीदवार चुनावी मैदान में बचे हैं.
महाराष्ट्र लोकल बॉडी-BMC चुनाव LIVE: महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने शनिवार को बताया कि 15 जनवरी को होने वाले 29 नगर निगमों के चुनाव में कुल 15,931 उम्मीदवार मैदान में हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, कुल 33,247 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे. इनमें से जांच के बाद 24,771 नामांकन वैध पाए गए. वैलिड नॉमिनेशन में से 8,840 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए. नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा शुक्रवार को दोपहर 3 बजे समाप्त हुई थी. इन 29 नगर निगमों में 893 वार्डों की 2,869 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं. मुंबई को छोड़कर बाकी सभी नगर निगमों में एक से अधिक सदस्य वाले वार्ड हैं. मुंबई में कुल 227 सीटें हैं. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 2,516 नामांकन दाखिल किए गए थे, जिनमें से 2,153 वैध पाए गए. नाम वापसी के बाद 453 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस लिया, जिसके बाद 1,700 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं.
सीएम फडणवीस के निशाने पर विपक्ष
वर्ली रैली में मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर सीधा हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग सिर्फ बातें करते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई काम नहीं करते. उन्होंने दावा किया कि अब मुंबई की जनता ऐसे लोगों को चुनेगी जो वादे नहीं, बल्कि काम करके दिखाते हैं. उनके अनुसार, महायुति गठबंधन ने राज्य और मुंबई के विकास के लिए लगातार प्रयास किए हैं और इसी आधार पर जनता का समर्थन मिलेगा. देवेंद्र फडणवीस ने विचारधारा और नेतृत्व के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा. उन्होंने कहा कि खून का रिश्ता तो जन्म से मिल सकता है, लेकिन विचारधारा विरासत में नहीं मिलती, उसे मेहनत और काम से बनाना पड़ता है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान क्रेडिट चुराने की राजनीति की जा रही है और जब विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा, तो उन्होंने मुंबई के मेयर को लेकर नया एजेंडा खड़ा कर दिया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुंबई का अगला मेयर महायुति गठबंधन का होगा. उन्होंने यह भी कहा कि वह मेयर हिंदू और मराठी होगा. फडणवीस ने हाल के दिनों में सामने आए कुछ बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ नेताओं ने दावा किया था कि बुर्का पहनने वाला मेयर चुना जाएगा. उन्होंने उद्धव ठाकरे या राज ठाकरे का नाम लिए बगैर कहा कि इस बयान पर वे लोग भी चुप रहे जो खुद को मराठी मेयर का समर्थक बताते हैं.
वंदे मातरम का मुद्दा
फडणवीस ने आगे आरोप लगाया कि विपक्ष की रैलियों में अब ‘वंदे मातरम’ का जाप तक बंद हो गया है और उनके रंग बदल गए हैं. फडणवीस के इस बयान पर रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और महायुति के समर्थन में उत्साह दिखाया. इस रैली के जरिए महायुति ने साफ संकेत दिया है कि वह BMC चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर मैदान में उतरेगी. आने वाले दिनों में गठबंधन द्वारा मुंबई के विकास, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर अपने एजेंडे को और तेज़ी से जनता के सामने रखने की तैयारी है.

