शेखपुरा में मंगलवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लगान वसूली का प्रतिशत कम पाए जाने पर सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने अंचल में पंचायतवार वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। DM ने निर्देश दिया कि सभी राजस्व कर्मचारी प्रतिदिन अपने क्षेत्र में जाकर लगान वसूली का कार्य करें और दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कम लगान वसूली करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आदेश दिया। कुल 16,497 आवेदनों में से 14,565 का निष्पादन समीक्षा के दौरान बताया गया कि परिमार्जन प्लस पोर्टल पर कुल 16,497 आवेदनों में से 14,565 का निष्पादन किया जा चुका है। 561 आवेदन अंचलाधिकारी के पास, 790 आवेदन कर्मचारी के पास लंबित हैं, जबकि 575 आवेदनों को वापस भेजा गया है। जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को समय पर आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने और शेष लंबित आवेदनों को शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया। दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों की समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 1,10,719 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 70,974 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। पूरे जिले में दाखिल-खारिज के केवल 7.82 प्रतिशत आवेदन लंबित हैं, जिनमें से अधिकांश समय-सीमा के भीतर हैं। कुल 3,12,980 जमाबंदियों में से 2,84,927 का आधार सीडिंग आधार सीडिंग की समीक्षा में जानकारी दी गई कि कुल 3,12,980 जमाबंदियों में से 2,84,927 का आधार सीडिंग कराया जा चुका है, जो 91.04 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, जिला पदाधिकारी ने उच्च न्यायालय में लंबित वाद (जैसे CWJC, MJC, LPA) और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया। साथ ही, भू-स्थानांतरण के लिए जमीन चिह्नित करने का भी निर्देश दिया गया। नवंबर और दिसंबर माह की रैंकिंग में जिले को प्रथम स्थान राजस्व विभाग, बिहार, पटना द्वारा जारी विगत नवंबर और दिसंबर माह की रैंकिंग में जिले को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों और अन्य पदाधिकारियों को लगातार इसी तरह प्रयास करते रहने का निर्देश दिया, ताकि जिले की यह रैंकिंग बनी रहे। इस अवसर पर अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान के साथ-साथ सभी अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मी उपस्थित थे।
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