नमस्कार सवाई माधोपुर में कांग्रेस नेता सचिन पायलट के आगे हुक्का बढ़ाया गया, उन्होंने इनकार वाला ‘नमस्कार’ कर दिया। हनुमानगढ़ में भादरा के सरकारी हॉस्पिटल में एक व्यक्ति ने ‘जूतामार’ क्रांति कर दी। उदयपुर की पहली महिला SP ने लड़कियों को अपना मोबाइल नंबर दे दिया और सात पीढ़ियों बाद बिजनेसमैन का परिवार पैतृक गांव लौटा तो भव्य स्वागत हुआ। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. सचिन पायलट का हुक्के को ‘नमस्कार’ कांग्रेस नेता सचिन पायलट शादी के एक कार्यक्रम में शामिल होने हिंडौन पहुंचे थे। शादी अटेंड करने के बाद कार से जयपुर के लिए निकले। रास्ते में गंगापुर सिटी (सवाई माधोपुर) की सीमा पर विधायक रामकेश मीना, विधायक-जिलाध्यक्ष इंदिरा मीना स्वागत करने पहुंचे। कई समर्थक नेतागण भी थे। जोश में विधायक रामकेश ने हुक्का गुड़गुड़ाकर पायलट साहब की ओर बढ़ाया। मनुहार करते हुए बोले- लो साहब हुक्का खींचो। एक बार लगा लो साहब। आगे बढ़े हुए हुक्के को पायलट ने इनकार वाला नमस्कार किया। फिर सोचा कि कहीं विधायकजी का दिल न टूटे। इसलिए तुरंत बात संभाली। कहा- मैं और इंदिरा जी इन सब चीजों से दूर रहते हैं। इस पर सब ठहाका मारकर हंस पड़े। 2. डॉक्टर की टेबल पर जूतामार क्रांति सरकारी हॉस्पिटलों में लोग घंटों कतारों में लगे रहते हैं। जैसा चक्कर काटने को कहा जाए वैसा काट लेते हैं। टाल दिया जाए तो टल जाते हैं। कभी अपने भाग्य को कोस लेते हैं कि ऐसा ही लिखा है, क्या करें। कुछ अपनी जेब टटोलते हुए ‘प्राइवेट’ की तरफ चल पड़ते हैं। लेकिन हर कोई भेड़-चाल नहीं चलता। कोई-कोई ‘जहां खड़ा हो जाए, लाइन वहीं से’ की तर्ज पर अस्पताल पहुंचते हैं और फिर ‘क्रांति’ कर बैठते हैं। बात हनुमानगढ़ के भादरा की है। भादरा के सरकारी हॉस्पिटल में महोदय बदलू पहुंच गए। उन्हें खून की जांच करानी थी। हॉस्पिटल वालों का कहना है कि जांच के लिए सैंपल दोपहर 12 बजे से पहले लिए जाते हैं। दावा किया कि बदलू 12 बजे बाद पहुंचे। क्रांतिवीर बदलू का दावा कि सरकारी हॉस्पिटल में चक्कर कटाए जा रहे हैं। उसने जूता हाथ में उठाया और डॉक्टर को ललकारता हुए एक टेबल पर कई बार जूता बजा दिया। हॉस्पिटल में हंगामा हो गया। बदलू जी आपे में नहीं थे। उन्हें बाहर लाने में पुलिस की मदद ली गई। वे हॉस्पिटल के सामने रोड पर बैठकर धरना देने लगे। सड़क पर लेटकर ऐलान कर दिया- खून बहा देंगे, जान दे देंगे। बात SDM साहब तक पहुंच गई। आश्वासन के बाद बदलू हटे और क्रांति टली। 3. SP मैडम ने कहा- मेरा नंबर नोट करो कुछ ही दिनों में महिलाओं-लड़कियों, विदेशी पर्यटकों के साथ जिस तरह की हरकतें हुई हैं, उनका जिक्र करने की जरूरत नहीं। ये तो वो मामले हैं जो सीसीटीवी में दिख गए। जिनका वीडियो बना लिया गया। जिनमें शिकायत कर दी गई। ऐसे अनगिनत मामले होते होंगे जब सड़क चलती लड़की को फब्तियां सुनने को मिली हैं। कमेंट किया जाता है। गलत नजर से देखा जाता है। भीड़-भाड़ का फायद उठाकर टच किया जाता है। लड़कियां डरती हैं, सहम जाती हैं और सोचती हैं कि यह तो रोजमर्रा की बात है। उन्हें हिम्मत कौन दे? उदयपुर में पहली महिला SP ने जोरदार बात कही। लड़कियों को सीधे कहा कि किसी भी परिस्थिति से घबराने की दरकार नहीं। कभी ऐसा लगे कि कोई लफंगा पीछा कर रहा है, घूर रहा है, परेशान कर रहा है तो मेरा नंबर नोट करो। मैडम ने अपना नंबर भी शेयर कर दिया। 4. चलते-चलते.. नेकी का फल कई तरह से मिलता है। एक बिजनेसमैन ने ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान संकट में दुबई में 400 भारतीयों को अपने घर में शरण दी। लोग बदहवास थे। परदेस में किससे सहारा मांगें? ऐसे में बिजनेसमैन न केवल सहारा बना, बल्कि हिम्मत बंधाई। सभी को कुशलता से भारत भिजवाया। इस दौरान उसे भी अपने वतन की याद आई। बिजनेसमैन के पुरखे राजस्थान के नागौर के छोटे से गांव कुरडायां से महाराष्ट्र गए थे। बाद में अमीरात में सेट हो गए। बिजनेसमैन को पता नहीं क्या सूझी। उसने वीडियो बनाकर कहा- मेरी कर्मभूमि अमीरात में रही, जन्म महाराष्ट्र में हुआ लेकिन दिल में राजस्थान बसता है। मैं पूरे परिवार के साथ राजस्थान में अपने गांव कुरडायां आ रहा हूं। बिजनेसमैन के पुरखे 125 साल पहले जिस गांव को छोड़कर गए थे, उसी गांव में जब वह सपरिवार पहुंचा तो ऐसा भव्य स्वागत हुआ कि किसी मंत्री-विधायक का भी क्या होगा? परिवार बग्घी में बैठकर चला और बिजनेसमैन घोड़े पर सवार होकर। जेसीबी से फूल बरसे। मातृभूमि और पैतृक गांव माता-पिता की तरह चाहते हैं। बेटा नेकी करके लौटे तो माता-पिता भी इसी तरह स्वागत करते हैं। इनपुट सहयोग- हनुमान तंवर (नागौर), दीपक भारद्वाज (हनुमानगढ़), नरेंद्र भारद्वाज (सवाई माधोपुर), मदन मोहन शर्मा (गंगापुर सिटी)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी।
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